सड़क हादसों को कम करने के लिए सरकार और प्रशासन द्वारा लगातार नए-नए प्रयास किए जा रहे हैं। आये दिन तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से बड़ी दुर्घटना हो रहीं हैं। वाहनों की रफ़्तार पर लगाम लगाने के लिए और सड़क हादसों को कम करने के लिए अब यमुना एक्सप्रेस-वे (Yamuna Expressway) पर टाइम बूथ लगाकर वाहनों की गति पर नजर रखी जाएगी। यानी अब अगर आप तय समय से पहले एक्सप्रेस-वे पार करते हैं तो आपका चालान हो जाएगा। टाइम मॉनिटरिंग के लिए एक्सप्रेस-वे के जेवर (Jewar) और आगरा वाले हिस्से पर 'टाइम बूथ' (Time Both) लगाए जाएंगे। अभी तक चालान टोल टैक्स के बीच की गति सीमा के आधार पर ही होता है।

यमुना प्राधिकरण अब एक्सप्रेसवे के दोनों ओर (ग्रेटर नोएडा और आगरा) जीरो प्वॉइंट पर टाइम बूथ लगाने की तैयारी कर रहा है। टाइम बूथ लगने के बाद यह पता चल जाएगा कि कौन सा वाहन कब एक्सप्रेस-वे पर चढ़ा है और उसी के आधार पर चालान होगा।

टाइम बूथ लगाकर वाहनों की गति पर नजर रखी जाएगी


यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसों के रोकने के लिए यमुना एक्सप्रस-वे अथॉरिटी ने एक नया नियम लागू किया है। नियम के मुताबिक, अब कार सवार को 99 मिनट मतलब 1.39 घंटे में यमुना एक्सप्रेस-वे पर अपना सफर पूरा करना होगा, अगर इससे कम वक्त में सफर पूरा किया तो जुर्माना लगेगा। इसी तरह से भारी वाहनों के लिए भी सफर पूरा करने को वक्त तय किया गया है। भारी वाहनों के लिए 124 मिनट मतलब 2.4 घंटे का वक्त रखा गया है। इसकी निगरानी के लिए जेवर और आगरा में टाइम बूथ लगाए जाएंगे। टाइम बूथ से पता चलेगा कि वाहन ने कितने बजे यमुना एक्स्प्रेस-वे पर एंट्री की और कितने बजे अपना सफर पूरा कर एक्सप्रेस-वे को छोड़ दिया।


इस नई व्यवस्था से रफ्तार पर लागम लगेगी। अब अगर आपने 165 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे को अगर तय समय से कम में पार किया तो आपका चालान किया जाएगा। टाइम बूथ लगने के बाद इसको प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। लोग तय सीमा में सफर करेंगे तो हादसे भी कम होंगे। इसके साथ ही यमुना एक्सप्रेस-वे डिवाइडर के दोनों और क्रैश बीम बैरियर लगाए जा रहे हैं। गुजरात की कंपनी यह काम काफी तेजी से कर रही है। बैरियर लगने से वाहन हादसे का शिकार होने के बाद दूसरी लेन में नहीं जाएगा। इससे हादसे की भयावहता कम होगी। उन सड़क हादसों में ज्यादा लोग हताहत होते हैं जो वाहन टकराने के बाद दूसरी लेन में जाते हैं।

एक्सप्रेस-वे के किनारे लगाये जायेंगे स्टैचू


लोगों को जागरूक करने के लिए और हादसों को कम करने के लिए कई और कदम उठाए जा रहे हैं। एक्सप्रेस-वे पर जो वाहन हादसे का शिकार होते हैं, उनको एक्सप्रेस-वे के किनारे (स्टैचू की तरह) लगाया जाएगा, ताकि लोग इन स्टैचू को देखकर सीख ले सकें की अधिक रफ्तार कितनी भयानक और जानलेवा साबित हो सकती है। यमुना एक्सप्रेस-वे पर हल्के वाहन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से सफर कर सकते हैं। बेहतर सड़क होने के चलते लोग यहां पर फर्राटा भरते हैं। यमुना एक्सप्रेस-वे प्रबंधन दो टोल के बीच की दूरी के आधार पर वाहनों का चालान करता है। यानी आप उस दूरी को तय गति से अधिक रफ्तार से तय करते हैं तो आपका चालान ऑनलाइन काट जाएगा। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने कहा कि ''यमुना एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा उपायों के लिए तमाम काम चल रहे हैं। जो भी बेहतर होगा वो काम कराए जाएंगे। अभी डिवाइडर के दोनों और क्रैश बीम बैरियर लगाने का काम चल रहा है।''