यूपी में अब महिलाओं के काम के दायरे को बढ़ाते हुए, उन्हें अब पुलिस की गाड़ियों को चलाने की ज़िम्मेदारी भी सौंपी जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में अब महिला होमगार्ड पुलिस की गाड़ियां चलाते हुए नज़र आएंगी। कथित तौर पर, करीब 150 महिला होमगार्ड को केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान में विशेषज्ञों द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद ड्राइविंग लाइसेंंस और सर्टिफिकेट दिया जाएगा

रिपोर्ट के अनुसार, प्रशिक्षण कार्यक्रम 1 दिसंबर से 31 दिसंबर तक चलेगा, जिसके बाद महिला होमगार्ड को विभाग की ओर से ड्राइविंग लाइसेंंस और सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद इन महिला होमगार्ड को डायल 112 के अलावा पिंक पुलिस और 1090 की महिला पुलिस अधिकारियों के साथ तैनात किया जाएगा और उनकी गाड़ी चलाने का काम सौंपा जाएगा।

रिपोर्ट के अनुसार, बीते दिनों इस संबंध में शासन के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव होमगार्ड अनिल कुमार द्वितीय, डीजी होमगार्ड विजय कुमार, डीआइजी मुख्यालय रणजीत सिंह, डीआइजी केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान विवेक कुमार सिंह की बैठक में पूरी कार्ययोजना तैयार की गई।

महिला ड्राइवर के सामने महिलाओं से जुड़े मामलों में अपराधी से पूछताछ करने में होगी आसानी

पिंक पुलिस, 1090 समेत अन्य महिला पुलिस विंग में तैनात महिला पुलिस अधिकारियों को महिलाओं से संबंधित मामलों में अपराधी को गिरफ्तार करने के बाद वाहन में किसी पुरुष ड्राइवर के सामने अपराधियों से सवाल पूछने में हिचकिचाहट महसूस होती है। महिला होमगार्ड के गाड़ी चलाने से इस समस्या का समाधान हो जाएगा। यह निश्चित रूप से महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इनपुट: दैनिक जागरण

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