उत्तर प्रदेश जुलाई के पहले सप्ताह में वार्षिक वृक्षारोपण अभियान का साक्षी बनने के लिए तैयार है, इस बार अनुमान लगाया जा रहा है कि लखनऊ और राज्य के अन्य जिलों में 30 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। इस संबंध में मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने नए निर्देश जारी कर सभी जिलाधिकारियों को इन अभियानों के लिए निर्धारित क्षेत्रों को चिन्हित करने का निर्देश दिया है. इसके अलावा, उन्हें 15 जून तक जिला वन अधिकारियों को पौधे उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है।

अभियान को सुनियोजित योजना के तहत चलाया जाएगा


अभियान का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव ने जिला स्तर के अधिकारियों को वृक्षारोपण समितियों की बैठक बुलाने को कहा है। इसके अलावा, परियोजना सही दिशा में आगे बढ़ रही है, यह सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की साप्ताहिक और पाक्षिक बैठकें भी बुलाई जानी चाहिए। इस प्रकार, राज्य अपेक्षित लक्ष्य प्राप्त करने में सफल हो पाएगा।

2020 में एक ही दिन में लगाए गए थे 26.75 करोड़ पौधे


वर्तमान योजना उन परियोजनाओं की एक कड़ी का एक हिस्सा हैं जिन्हें हर साल उत्तर प्रदेश में क्रियान्वित किया जाता है। पिछले साल मुख्यमंत्री की देखरेख में एक ही दिन में राज्य में रिकॉर्ड 26.75 करोड़ पौधे रोपे गए थे। उल्लेखनीय है कि इन पौधों को पीएम आवास योजना के तहत स्थापित घरों के बाहर लगाया गया था, जबकि बड़ी संख्या में पौधे नदी के बाहरी हिस्से में लगाए गए थे। यह गतिविधि मिशन वृक्षारोपण 2020 और वन महोत्सव अभियान का एक हिस्सा थी।

आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, राज्य प्रशासन ने कहा है कि 2017, 2018 और 2019 में क्रमशः 5 करोड़, 11 करोड़ और 22 करोड़ पौधे लगाए गए थे। 2019 में लगाए गए और जियो-टैग किए गए कुल पौधों में से 95% बच गए थे।

- आईएनएस द्वारा मिली जानकारी के अनुसार