उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा बोर्ड (UPBEB) द्वारा मान्यता प्राप्त 1.5 लाख से अधिक स्कूलों को 30 जून तक बंद रखने का निर्देश दिया गया है। यह आदेश दूसरी महामारी की लहर के कारण जारी किया गया था, हालांकि, अब ये स्कूल 1 जुलाई को फिर से खुलेंगे। स्कूल अपनी आवश्यकता के आधार पर कर्मचारियों और शैक्षणिक कर्मचारियों को बुला सकते हैं लेकिन छात्र अगली सूचना तक ऑफ़लाइन कक्षाओं में शामिल नहीं होंगे। यूपीबीईबी के सचिव की ओर से मंगलवार रात इस संबंध में एक आदेश जारी किया गया।

ऑपरेशन कायाकल्प के तहत बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाएंगे स्कूल


सरकारी स्कूलों के फिर से खुलने के बाद, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि छात्रों का शत-प्रतिशत नामांकन (enrolment) हो। इसके अलावा भोजन का वितरण, मिड डे मील और मुफ्त किताबों के लिए सुरक्षा भत्ता (security allowance) समयबद्ध तरीके से दिया जाएगा। हालांकि, मिशन प्रेरणा के तहत ई-पाठशाला तब तक जारी रहेगी जब तक बच्चे कैंपस में वापस नहीं आ जाते।

इसके अलावा, स्कूलों को 'ऑपरेशन कायाकल्प' के तहत आने वाले कार्यों को पूरा करने के साथ, वॉशरूम, चारदीवारी और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान के तहत राज्य सरकार के 'गुणवत्तापूर्ण शिक्षा' (Quality Education) संकल्प को पूरा करने के लिए विभिन्न पहलों के माध्यम से 2.65 लाख सरकारी स्कूलों में बुनियादी शिक्षा की स्थिति में सुधार किया जाएगा।

सीबीएसई और आईसीएसई एफिलिएटेड स्कूल खुद करेंगे फैसला

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) और इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (आईसीएसई) से मान्यता प्राप्त स्कूल इस मामले में अपना फैसला खुद लेंगे। 1 जुलाई से शिक्षकों और प्रशासनिक कर्मचारियों को ड्यूटी पर बुलाया जाएगा या नहीं, यह उनकी संबंधित स्कूल प्रबंधन समितियां (एसएमसी) तय करेंगी। यूपीबीईबी के अलावा, एसएमसी स्कूलों के लिए ऐसे निर्णय लेने के लिए अधिकृत हैं।