उत्तर प्रदेश के वाणिज्यिक परिदृश्य को विकसित करने के लिए, राज्य प्रशासन ने नोएडा में डेटा सेंटर पार्क विकसित करने की योजना बनाई है। यह सेंटर कथित तौर पर यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सेक्टर 28 में 200 एकड़ भूमि में स्थापित किया जाएगा, और भारत और विदेशों में आईटी बड़े उद्योगों से निवेश आकर्षित करेगा। अगस्त के अंत तक इस योजना के शुरू होने की उम्मीद है।

नोएडा डाटा सेंटर का हब बनने की राह पर


नोएडा में इस डेटा सेंटर पार्क की स्थापना से राज्य में एक बुनियादी ढांचा तैयार होगा जो सूचना और डेटा के स्टोरेज और प्रवाह को नियंत्रित और संचालित कर सकता है। YEIDA के अधिकारियों का कहना है कि इस प्रावधान से राज्य में लगभग 20,000 करोड़ रुपये का निवेश आने की संभावना है। साथ ही इससे यहां रोजगार के अवसरों में भी बढ़ोत्तरी होगी।

आईटी विशेषज्ञों का मानना ​​​​है कि आईटी और इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्रों के माध्यम से राज्य में भारी निवेश, नोएडा को कुछ वर्षों के भीतर अमेरिका की सिलिकॉन वैली के स्तर तक ले जाएगा। यहां व्यापार करने में आसानी के कारण, पिछले 4 वर्षों में कई प्रमुख कंपनियां पहले ही इस जिले में प्रवेश कर चुकी हैं।

कई नामी कंपनियों ने नोएडा में अपने संटर स्थापित किए हैं। माइक्रोसॉफ्ट, अदानी ग्रुप और एमएक्यू जैसे प्रतिष्ठित उपक्रमों ने हाल ही में यहां डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए जमीन खरीदी है। इसके अलावा, एचसीएल, गूगल और टीसीएस जैसी कंपनियां पहले ही नोएडा में खुद को स्थापित कर चुकी हैं, जबकि हीरानंदानी ग्रुप, नेटमैजिक सर्विसेज, एसटीटी प्राइवेट लिमिटेड और अग्रवाल एसोसिएट लिमिटेड अपने डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के संपर्क में हैं।

नोएडा के 'इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन' में विकास को मिलेगा बढ़ावा

उत्तर प्रदेश राज्य ने एक नई आईटी नीति के आधार पर निवेशकों के लिए कई रियायतें और छूट की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने एनसीआर में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे को व्यापार-अनुकूल क्षेत्र होने के कारण 'इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र' (Electronics Manufacturing Zones) बनाने की बात कही है। इसने न केवल 30 बड़े निवेशकों को राज्य के आईटी क्षेत्र में रुचि दिखाने के लिए प्रोत्साहित किया है बल्कि चीन, ताइवान और कोरिया की कंपनियों का ध्यान यहां अपनी यूनिट स्थापित करने के लिए भी प्ररित किया है।

रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में विकास को और बढ़ाने के लिए, राज्य ने निवेशकों द्वारा उधार लिए गए लोन में 60% सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। साथ ही जमीन खरीदने पर 25 फीसदी की सब्सिडी भी दी जाएगी। पहली बार निवेश करने वाले निवेशकों के लिए स्टांप शुल्क से 100% छूट दी जाएगा। इसके अलावा, यहां दूसरी इकाइयां स्थापित करने वाली फर्मों को 50% की छूट मिलेगी।