उत्तर प्रदेश राज्य में अपेक्षित तीसरी लहर से पहले बच्चों और किशोरों के लिए लगभग 50 लाख दवा किट वितरित करने का कार्य शूरूकिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, सीएम ने सोमवार को 17 लाख किटों के पहले बैच को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की। शेष 33 लाख किटों को भी जल्द ही भेजा जाएगा।

मेडकिट वितरण में सहायता करेंगी निगरानी समितियां


चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक ने बताया कि बच्चों में वायरल फीवर, उल्टी, डायरिया और बरसात के मौसम में होने वाली ऐसी ही अन्य बीमारियों के लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। इस परिदृश्य में, निगरानी समितियाँ सिम्‍प्‍टोमेटिक बच्चों और किशोरों के बीच दवा किट के वितरण को सुविधाजनक बनाने में मदद करेंगी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक दवा किट में ओआरएस घोल के साथ पैरासिटामोल, जिंक, विटामिन सी और विटामिन डी की गोलियां होंगी।

राज्य ने इस पहल के लाभार्थियों को चार अलग-अलग आयु-आधारित श्रेणियों में विभाजित किया है। इन किट्स में बच्चो की उम्र के हिसाब से दवाइयों की डोज़ दी गईं हैं। पहला आयु वर्ग नवजात शिशुओं से लेकर 1 वर्ष तक के शिशुओं के लिए है, क्रमिक श्रेणी में 2 से 4 वर्ष तक के बच्चे शामिल होंगे। 5 से 12 वर्ष की आयु के बच्चे तीसरे समूह का निर्माण करेंगे जबकि 13 से 18 वर्ष के किशोरों को चौथे समूह में वर्गीकृत किया गया है।

राज्य ने अब तक चार चरणों में युवाओं और बुजुर्गों को 68 लाख कोविड दवा किट प्रदान की हैं। लखनऊ, कानपुर और यूपी के अन्य सभी जिलों में 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए किटों की संख्या को बढ़ाने की योजना पर काम चल रहा है। इन एंटी-कोविड दवाओं को फिर तीसरी लहर के बचाव के लिए बच्चों के बीच वितरित किया जाएगा।