स्मार्ट सिटी मिशन पूरे भारत में पिछले कई वर्षों से काम कर रहा है, इसकी 6वीं वर्षगांठ के अवसर पर , शहरी विकास मंत्रालय ने इस परियोजना के तहत आने वाले 100 शहरों के बीच प्रतियोगिता का आयोजन वर्चुअल रूप से किया गया। शुक्रवार को, उत्तर प्रदेश ने 'स्मार्ट सिटीज' प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त करके सर्वश्रेष्ठ राज्य का दर्ज़ा हासिल किया। यह पहली बार है जब राज्यों को इस मिशन के तहत किए गए कार्यों के लिए सम्मानित किया जा रहा है, उम्मीद है कि इससे अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा और आगे काम करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

विभिन्न श्रेणियों में यूपी के शहरों का प्रदर्शन


स्मार्ट सिटी अवार्ड्स की विभिन्न श्रेणियों में, यूपी के कई शहरों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। शहरो के दूसरे राउंड में, पूरे भारत से लगभग 100 स्मार्ट शहरों का चयन किया गया था और उनमें आगरा पहले और वाराणसी दूसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा, आगरा 'इकोनॉमी प्रोजेक्ट अवार्ड' के लिए तीसरे स्थान पर और सूक्ष्म कौशल विकास केंद्रों के लिए दूसरे स्थान पर रहा।

वाराणसी ने अस्सी नदी में पर्यावरण संरक्षण के लिए 'वाटर' थीम के तहत प्रथम स्थान प्राप्त किया और इस शहर को कोविड इनोवेशन के लिए 'इनोवेशन अवार्ड' भी मिला। इसके अलावा, सहारनपुर स्मार्ट सिटी लीडरशिप में पहले स्थान पर रहा, और वाराणसी को महाराष्ट्र के कल्याण डोंबिवली के साथ दूसरे स्थान से सम्मानित किया गया।

यूपी के विभिन्न शहरों ने भी विभिन्न श्रेणियों में अच्छा प्रदर्शन किया और उनकी उपलब्धियों को राज्य के शहरी विकास मंत्री द्वारा विधिवत मान्यता दी गई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा है कि इस वर्ष सभी स्मार्ट सिटी अपने भौतिक और वित्तीय लक्ष्यों को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे ताकि यूपी पुरस्कारों की अधिकतम संख्या जीत पाए।

स्मार्ट सिटी मिशन का अवलोकन

स्मार्ट सिटी मिशन का उद्देश्य स्थानीय क्षेत्रों के विकास और प्रौद्योगिकी का उपयोग करके निवासियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है। केंद्र सरकार की इस परियोजना के विभिन्न दौर के दौरान प्रत्येक में 10 शहरों का चयन किया गया था। पहले राउंड में लखनऊ, दूसरे राउंड में कानपुर, आगरा व वाराणसी, तीसरे में प्रयागराज, अलीगढ़ व झांसी और चौथे राउंड में सहारनपुर, बरेली व मुरादाबाद का चयन हुआ।