मुख्य बिंदु

➡ विश्व पर्यटन दिवस पर पूर्वोत्तर रेलवे पर्यटकों को मैलानी-नानपारा मीटरगेज रेलखंड पर विस्टाडोम कोच में यादगार सफर की सौगात दे सकता है।

➡ डीआरएम डॉ. मोनिका अग्निहोत्री ने विस्टाडोम कोच का स्वयं ट्रायल लिया।

➡ इसको इंजन में लगाकर दुधवा में इसी माह के अंत तक यात्रियों के लिए शुरू कर दिया जाएगा।

➡ जल्द ही तारीख की घोषणा होने के बाद यात्री कहीं से भी ऑनलाइन सीटों की बुकिंग करा सकेंगे।


27 सितंबर को पड़ने वाले विश्व पर्यटन दिवस पर पर्यटकों को दुधवा राष्ट्रीय उद्यान (Dudhwa National Park) के माध्यम से मैलानी-नानपारा मार्ग (Mailani Junction (MLN) to Nanpara Junction) पर ले जाने के लिए तैयार है। टूरिस्टों के लिए तैयार किए गए 2 विस्टाडोम कोच (Vistadome coaches ) का ट्रायल डीआरएम डॉ. मोनिका अग्निहोत्री की निगरानी में मैलानी-नानपारा मीटर गेज लाइन पर किया गया और कोच का ट्रायल सफल रहा। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर मनोरम वन क्षेत्र के बीच पर्यटकों के लिए विस्टाडोम टूरिस्ट ट्रेन चलाई जाएगी। इसका मकसद रेल की वाणिज्यक गतिविधियों को बढ़ाने के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देना है।

इसी माह के अंत तक यात्रियों के लिए इसे शुरू कर दिया जाएगा


दुधवा के लिए मीटरगेज विस्टाडोम कोच (Vistadome coaches ) पश्चिमी रेलवे के महू वर्कशॉप में तैयार किए गए हैं। इसके लिए खंडवा-महू रेलखंड पर दौड़ने वाली वर्ष 2002 में बने मीटरगेज कोच का इस्तेमाल किया गया है। दोनों विस्टाडोम कोच को सड़क मार्ग से मैलानी लाया गया था। पर्यटक इस टॉय ट्रेन से बड़ी बड़ी शीशे की खिड़की वाले विस्टाडोम कोचों से मैलानी-नानपारा के बीच यात्रा के दौरान प्राकृतिक जंगल के दृश्यों का आनंद उठा सकेंगे। इन दो एसी बोगियों में 60 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। इसको इंजन में लगाकर दुधवा में इसी माह के अंत तक यात्रियों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। जल्द ही तारीख की घोषणा होने के बाद यात्री कहीं से भी ऑनलाइन सीटों की बुकिंग करा सकेंगे।

अनेकों सुविधाओं से लैस है ट्रेन के डिब्बे


टॉय ट्रेन के डिब्बों की 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की क्षमता है, लेकिन इसे बहुत कम गति से संचालित किया जाएगा। कोच में वाई-फाई कनेक्टिविटी, पेंट्री, मॉड्यूलर शौचालय, एलईडी डेस्टिनेशन बोर्ड, मल्टी-टियर लगेज रैक, सीसीटीवी कैमरे और माइक्रोवेव, कॉफी मेकर, रेफ्रिजरेटर, वाटर कूलर आदि जैसे अन्य उपकरणों से लैस हैं। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, पंकज सिंह ने मीडिया को बताया कि, ट्रेन की समय सारिणी पर काम किया जा रहा है। इस पर भी विचार कर रहे हैं कि क्या विस्टाडोम कोचों को एक स्वतंत्र ट्रेन के रूप में चलाया जाए या किसी अन्य ट्रेन से जोड़ा जाए। ट्रेन का किराया एसी चेयर कार के अनुसार होगा।