यूपी में प्रदेश के उद्यमियों, ट्रेडर्स और सभी प्रकार के कारोबारियों के लिए खुलने जा रहा है एक वर्चुअल मॉल। इस वर्चुअल मॉल के माध्यम से ऑनलाइन कारोबारी गतिविधियां शुरू करने की तैयारी है। इस मॉल की शुरुआत जुलाई से होगी। मॉल में करीब 1000 दुकानें एक बार में नजर आएंगी, और यह एक ऐसा प्लेटफार्म होगा जहां पर कोई भी ख़रीदार और विक्रेता अपनी सुविधा अनुसार कहीं से भी किसी भी समय कारोबारी से लेन देन कर सकेंगे।


इस एग्ज़िबिशन (Exhibition) मॉल से देश-विदेश के कारोबारी घर बैठे आर्डर देकर अपने उत्पादों को खरीद-बिक्री कर सकेंगे। सुक्ष्म, लघु उद्यम विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. नवनीत सहगल का कहना है इसमें फिक्की की मदद ली जा रही है। वर्चुअल मॉल का खाका 'सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग' (Department of Micro, Small & Medium Enterprises) ने चार माह पहले खींचा था। इसका सबसे अधिक लाभ ओडीओपी, एमएसएमई, खादी एवं ग्रामोद्योग के साथ ही राज्य के अन्य उत्पादों के निर्माता, विक्रेता और निर्यातकों को होगा।

जानें वर्चुअल मॉल की खासियत


➡यह मॉल ऑनलाइन कारोबार का ऐसा प्लेटफार्म होगा जो 24 घंटे खुला रहेगा।

➡क्रेता-विक्रेता किसी भी समय उत्पादों की खरीद और बिक्री कर सकेंगे।

➡प्रदर्शनी में ओडीओपी,एमएसएमई, खादी ग्रामोद्योग और हस्तशिल्प के प्रोडक्ट होंगे।

➡इस वर्चुअल मॉल में किसी एक का कब्जा नहीं होगा।

➡स्टॉलों के आवंटन में चक्रीय व्यवस्था लागू होगा।

➡उप्र का कोई भी व्यापारी पंजीकरण के बाद मॉल बेच सकेगा।

➡स्टॉल शिल्पकार, कारीगर, उत्पादक या निर्यातक तय समय के लिए मिलेगा।

➡तय सीमा के बाद दूसरे कारोबारियों को मौका दिया जाएगा।

➡मॉल में समय-समय पर कारोबारी एक्टिविटी की जाएंगी।

➡उत्पादकों, निर्यातकों और कारीगरों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

➡मॉल में लगे सभी स्टॉल 3डी तकनीक पर आधारित होंगे।

➡प्रदर्शनी में प्रदर्शित उत्पाद खरीदारों को स्पष्ट तरीके से साफ नजर आएंगे।

➡हर तरफ से प्रोडक्ट को देखा जा सकेगा, फोटो और वीडियो क्लियर होगा।