उत्तर प्रदेश में कोरोना महामारी के दौरान अनाथ और बेसहारा हुए बच्चों की पूरी जिम्मेदारी अब यूपी सरकार उठाएगी। बीते बुधवार को कोरोना की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी बच्चे इस प्रदेश की धरोहर है। इनका दायित्व सरकार उठाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग को इस संबंध में तत्काल एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के लिए कहा है। सीएम ने निर्देश के साथ ही सभी विभाग ने इसकी तैयारियां शुरू भी कर दी है। इसके साथ ही ऐसा माना जा रहा है कि 22 मई तक ऐसे सभी बच्चों को चिन्हित कर लिए जाएगा।


आपको बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर में कई ऐसे परिवार है, जहां माता पिता दोनों ही कोरोना के कारण अब इस दुनिया में नहीं रहे, और उनके बच्चों की देखभाल करने वाला कोई नहीं है जिससे उनका भविष्य अंधकार में है। इसी समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने का आदेश सभी विभाग और अफसरों को दिया है। जानकारी के मुताबिक पूरे प्रदेश में ऐसे 60 बच्चे चिन्हित किए गए हैं जिन्होंने अपने माता-पिता दोनों को कोरोना से खोया है। ऐसे बच्चों के लिए बकायदा एक टास्क फोर्स का भी गठन किया जा रहा है ताकि अनाथ हुए बच्चों की कोई ट्रैफिकिंग ना कर सके।

609 ऐसे बच्चे चिन्हित किए गए जिन्होंने अभिभावक, माता-पिता को खोया


इसके अलावा 609 ऐसे और बच्चे चिन्हित किए गए हैं जिन्होंने कोरोना के इस दौर में अपने अभिभावक, माता-पिता में से किसी को खोया है या कई अभी भी पूरी तरीके से उबर नहीं पाए हैं, ऐसे बच्चों को सरकार ने मदद करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही जल्द ही प्रदेश के 70 जिलों में एक टास्क फोर्स काम करने लगेगा फिरोजाबाद, औरैया, पीलीभीत, हापुड़, सहारनपुर, लखनऊ जैसे जिलों में अधिकारी के नियंत्रण में यह टास्क फोर्स बनाने की तैयारी भी कर ली गई है।

महिला एंव बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव ने सभी जिलों के डीएम को आदेश जारी कर दिए हैं और कहा है की ऐसे सभी अनाथ और बेसहारा बच्चो की पहचान करवाएं उन्हें आश्रय ग्रहों में भेजा जाए या फिर अगर परिवार के ही अन्य लोग इनका भरण पोषण करना चाहेंगे तो उन्हें गोद दिया जाएगा। प्रदेश के सभी डीएम को ऐसे बच्चों के बारे में शासन को जानकारी देनी ही है साथ ही राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को भी सूचनाओं की एक कॉपी देनी होगी।

जारी की गई हेल्पलाइन

ऐसे सभी बच्चों का डाटा जुटाने के लिए आम जनता की भी मदद ली जायेगी। और इसके लिए सरकार ने एक हेल्पलाइन जारी कर दी है जिसपर कोई भी फोन कर ऐसे बच्चों की सुचना प्रशासन को देकर उनकी मदद कर सकता है। इसके साथ ही चाइल्ड लाइन 1098 और महिला हेल्पलाइन 181 पर भी जानकारी दे सकते हैं।

हेल्पलाइन नंबर - 011-23478250