यूपी बोर्ड की परीक्षाएं इस वर्ष महामारी के चलते रद्द कर दी गई थीं और छात्रों के मूल्यांकन के लिए मानदंड पहले ही जारी किए जा चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पूरे राज्य में लगभग 56 लाख छात्र रिजल्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अब यह उम्मीद की जा रही है कि 31 जुलाई तक परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे और जल्द ही छात्रों का यह इंतज़ार खत्म हो जाएगा।

इस वर्ष नहीं जारी की जाएगी मेरिट लिस्ट


रिपोर्ट के अनुसार, यूपी के उपमुख्यमंत्री ने यूपी बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट के बारे में बताया कि 31 जुलाई के पहले हाई स्कूल और इंटर का रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा। उसके बाद डिग्री कालेजों में प्रवेश प्रारंभ हो जाएंगे। ऐसे में अपने रिजल्ट का इंतजार कर रहे छात्र यूपी बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट upresults.nic.in पर अपडेट चेक कर सकते हैं।

साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने सभी राष्ट्रीय और राज्य बोर्डों को 31 जुलाई 2021 तक परिणाम घोषित करने के निर्देश दिए है ताकि, छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए एडमिशन लेने में कोई परेशानी का सामना न करना पड़े। हालांकि अभी तक बोर्ड की तरफ से समय और दिन तय नहीं किया है। आपको बता दें कि कोरोना महामारी की वजह से इस साल परिक्षाएं आयोजित नहीं की गई हैं, इसलिए इस वर्ष मेरिट लिस्ट को जारी नहीं किया जाएगा।

इन मानदंडों के आधार पर किया जाएगा छात्रों का मूल्यांकन

यूपी बोर्ड द्वारा पहले ही 10वीं व 12वीं के छात्रों के मूल्यांकन का आधार तय किया जा चुका है। इन मानदंडों के अनुसार, 10वीं के छात्रों का मूल्यांकन 50-50 के फार्मूले पर किया जाएगा, जिसमें 50 फीसदी मार्क्स 9वीं की फाइनल परीक्षा में मिले मार्क्स के आधार पर दिए जाएंगे, और 50% मार्क्स 10वीं की प्री बोर्ड परीक्षा के आधार पर पर दिए जाएंगे। 12वीं के छात्रों का रिजल्ट 30:30:40 के फॉर्मूले पर तैयार किया जाएगा, जिसके तहत 10वीं- 11वीं के फाइनल रिजल्ट को 30 प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा और 12वीं के प्री-बोर्ड एग्जाम को 40% वेटेज दिया जाएगा।

इस साल उत्तर प्रदेश कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षा के लिए 56 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 29,94,312 कक्षा 10 के छात्रों और 26,10,316 कक्षा 12 के छात्रों को इस साल बिना परीक्षा के अगली कक्षाओं में प्रमोट किया गया है।