उत्तर प्रदेश में कोरोना के संक्रमण से जनता को बचाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना कर्फ्यू को 31 मई की सुबह 7 बजे तक के लिए बढ़ा दिया है। इस दौरान वैक्सीनेशन, औद्योगिक गतिविधियों, मेडिकल सम्बन्धी कार्य आदि आवश्यक अनिवार्य सेवाएं यथावत जारी रहेंगी। चल रहे कोरोना कर्फ्यू के कारण एक्टिव केसों में लगातार कमी आ रही है और रिकवरी रेट भी पहले से कई गुना बढ़ गया है। ऐसे में कोरोना के संक्रमण पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए सरकार ने कोरोना कर्फ्यू बढ़ा दिया है। इसके साथ ही अब प्रदेश में कोरोना का रिकवरी रेट 91.40 फीसदी पहुंच गया है। यह यूपी सरकार की ट्रैस, टेस्ट और ट्रीट फॉर्मूले के बेहतर क्रियान्वयन का नतीजा है।

प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर के बाद संभावित तीसरी लहर से आम जनता को बचाने और उससे लड़ने के लिए सरकार ने सभी तैयारियां शुरू कर दी है। हर जिले के अस्पतालों में बच्चों के लिए पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) बनाये जा रहे है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में 1 जून से टीकाकरण के अभियान को बढ़ाने का निर्देश दिया है। प्रदेश में 1 जून से सभी जिलों में 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को कोरोना वैक्सीन की डोज दी जाएगी। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के हर नागरिक को वैक्सीन दी जाए जिससे कोरोना से हम ये लड़ाई जीत सके और एक स्वास्थ्य प्रदेश के रूप में उत्तर प्रदेश दोबारा उभरे इसी को देखते हुए सभी नागरिकों के लिए टीकाकरण की सुविधा की व्यवस्था की जा रही है।