उत्तर प्रदेश में कोविड महामारी को देखते हुए प्रदेश सरकार 14.71 करोड़ कार्ड धारकों को निशुल्क राशन का वितरण कराएगी। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के इस चरण में पोर्टेबिलिटी के तहत 20 से 31 मई तक निशुल्क राशन दिया जाएगा। इसके तहत प्रति यूनिट 5 किलोग्राम राशन जिसमें तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल दिया जाएगा। वन नेशन, वन कार्ड योजना के तहत लाभार्थियों व प्रवासी मजदूरों को दुकान से राशन लेने की सुविधा रहेगी।


राज्य सरकार ने जून, जुलाई और अगस्त में नि:शुल्क अनाज देने का फैसला लिया है। वहीं प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना के तहत मई व जून में अनाज दिया जाएगा। अंत्योदय अन्न योजना में कार्ड धारक के लिए निश्चित अनाज दिया जाता है। वहीं पात्र गृहस्थी में प्रति यूनिट के हिसाब से अनाज दिया जाता है। पूरे प्रदेश में आज से इसकी शुरुआत होगी। गरीबों को अनाज में प्रति यूनिट 5 किलो मुफ्त राशन दिया जाएगा, मुफ्त राशन में तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल दिया जाएगा। सभी राशन कार्ड धारकों को खाद्य एवं रसद विभाग के Public Distribution System के माध्यम से 03 माह (जून, जुलाई एवं अगस्त, 2021 ) का निशुल्क राशन उपलब्ध कराने के साथ ही जिन पात्र व्यक्तियों के राशन कार्ड नहीं बने हैं, उन्हें अभियान चलाकर बनवाते हुए उन्हें भी तत्काल निशुल्क राशन उपलब्ध कराना करने के लिए कहा गया है।

परम्परागत कामगारों के लिए भी भत्ते का ऐलान

उत्तर प्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्रों में दैनिक रूप से कमाने खाने वाले ठेला, खोमचा, रेहड़ी, खोखा आदि लगाने वाले पटरी दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा/ई-रिक्शा चालक, पल्लेदार सहित नाविकों, नाई, धोबी, मोची, हलवाई आदि जैसे परम्परागत कामगारों के लिए भी भत्ते का ऐलान किया है। इस भत्ते में इन सभी को सरकार एक महीने के लिए 1 हजार रुपये की आर्थिक मदद देगी, जिससे लगभग एक करोड़ गरीबों और दैनिक मजदूरी श्रमिकों और कामगारों को राहत मिलेगी। गौरतलब है कि यूपी में चार मई से कोरोना कर्फ्यू लगातार बढ़ाया जा रहा है, इसके पहले शुरू में शनिवार और रविवार और बाद में शुक्रवार की रात आठ बजे से मंगलवार सुबह सात बजे तक के लिए सरकार ने आंशिक कोरोना कर्फ्यू घोषित किया था।