ज़रूरी बातें

उत्तर प्रदेश में 4 ‘वैदिक पेंट’ मैनुफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करेगा।
ये यूनिट खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के द्वारा स्थापित की गयी हैं।
यूपी में बाराबंकी, वाराणसी, बलिया और मेरठ में नई इकाइयों की स्थापना की जाएगी।
वैदिक पेंट नेचुरल है और केमिकल पेंट की तुलना में अधिक पर्यावरण के अनुकूल होता है।
वैदिक पेंट की कीमत बाजार के केमिकल वाले पेंट की तुलना में कम है।

उत्तर प्रदेश में नेचुरल रूप से बने विकल्पों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए, खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) ने राज्य में 4 ‘वैदिक पेंट’ मैनुफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने का तय किया है। वैदिक पेंट नेचुरल रूप से बनाया जाता है और जो केमिकल पेंट की तुलना में अधिक पर्यावरण के अनुकूल होता है। यह नैसर्गिक पेंट है। साथ ही यह उतना ही टिकाऊ है जितना कि बाजार में उपलब्ध अन्य पेंट, जबकि इसकी कीमत बाजार के केमिकल वाले पेंट की तुलना में कम है। खादी आयोग के निदेशक के अनुसार, यूपी में सस्टेनेबल विकास के स्तंभों को बढ़ावा देने के लिए बाराबंकी, वाराणसी, बलिया और मेरठ में इन नई इकाइयों की स्थापना की जाएगी।

यूपी के 4 जिलों में नई ‘खादी पेंट’ यूनिट लगेंगी

 

‘वैदिक’ या ‘खादी’ पेंट कार्बनिक रूप से निर्मित पेंट हैं जो प्राकृतिक गुणों से बनाई जाती हैं। इसमें, केमिकल पेंट में मौजूद हानिकारक विषाक्त पदार्थ या खतरनाक टॉक्सिन नहीं होते हैं। केवीआईसी के निदेशक ने विस्तार से बताया कि अन्य लाभों के अलावा, नए पेंट उत्पादों की कीमत अन्य पेंट्स की तुलना में काफी कम होगी।

अभी तक, ‘वैदिक’ पेंट दो अलग-अलग श्रेणियों – सफेद और डिस्टेंपर में उपलब्ध हैं। दोनों प्रकार का निर्माण वर्तमान में जयपुर के सांगानेर में पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर किया जा रहा है। आयोग अन्य रंगों को शामिल करने के साथ वैदिक पेंट के व्यापक उपयोग को बढ़ावा देने की योजना बना रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए अनुसंधान और डिजाइनिंग का काम चल रहा है।

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