मुख्य बिंदु:

उत्तर प्रदेश में सभी उद्योगों को जापान की मियावाकी वनीकरण तकनीक को अपनाने का निर्देश दिए गए हैं।

राज्य में कार्बन फुटप्रिंट को कम करने और औद्योगिक कार्बन उत्सर्जन को संतुलित करने के लिए उठाया जा रहा है यह कदम।

मियावाकी पद्धति एक जापानी वनीकरण विधि है, जिसमें पौधों को कम दूरी पर लगाया जाता है।

राज्य में कार्बन फुटप्रिंट को कम करने और औद्योगिक कार्बन उत्सर्जन को संतुलित करने के लिए, उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य भर में मौजूद सभी उद्योगों को जापान की मियावाकी वनीकरण तकनीक  (Japanese Miyawaki afforestation technique) को अपनाने का निर्देश दिया है। बुधवार को जारी आदेश के अनुसार उद्योग का लाइसेंस रद्द करने के साथ आदेश का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

संभागीय वनाधिकारियों द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा

आदेश में लिखा है कि, “मियावाकी वनीकरण तकनीक के लिए यूपीपीसीबी द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की गई है। उद्योगों के कारण वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए, वृक्षारोपण की मियावाकी विधि बहुत प्रभावी है, क्योंकि इन बागानों में वायु प्रदूषकों को सोखने की लगभग 10 गुना अधिक क्षमता है। इसलिए, औद्योगिक इकाइयों के लिए जापानी तकनीक को अपनाना अनिवार्य है। मियावाकी पद्धति आधारित वृक्षारोपण की बारीकी से निगरानी करने वाले संभागीय वन अधिकारियों द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।”।

क्या है मियावाकी विधि?

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