मुख्य बिंदु

चुनावी माहौल में नकदी लेकर चलने की सीमा तय।
प्रदेश में कोई भी व्यक्ति अपने साथ 50,000 से अधिक की नगदी लेकर नहीं चल सकता।
50,000 से अधिक की नगदी लेकर चलने के लिए रखने होंगे नगदी से जुड़े सभी प्रमाण और दस्तावेज।
अगर नगदी 10 लाख से अधिक होगी तो आयकर विभाग नगदी को जब्त कर करेगा जांच पड़ताल।
वहीं अगर नगदी चुनाव से ताल्लुख रखती है तो उसे जब्त कर चुनाव आयोग के हवाले कर दिया जाएगा।
अगर 50,000 से अधिक नगदी लेकर कोई पकड़ा जाता है और नगदी से जुड़े दस्तावेज नहीं दिखा पाया तो जुर्माना देना पड़ सकता है।
अगर जुर्माना अदा नहीं करता है तो 6 महीने से लेकर 2 साल तक की जेल भी हो सकती है।

उतर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चाक चौबंद है, साथ ही धारा 144 और आचार संहिता भी लागू है। इसी के साथ प्रदेश में चुनाव को निष्पक्ष करवाने के लिए चुनाव आयोग ने कई पाबंदियां लगा रखी जिसका राजनीतिक पार्टियां और आम नागरिक हर किसी को इसका पालन करना होगा। निर्वाचन आयोग ने चुनावी माहौल और सहलाग को ध्यान में रखते हुए वोटरों को लुभाने वालों पर अंकुश लगाने के लिए नगद पैसा लाने ले जाने की सीमा भी तय कर दी है।

ऐसे में अगर आप अपने साथ 50,000 से बड़ी रकम लेकर सफर करते हैं या जिले में ही या जिले से बाहर जाते हैं तो अपने पास नगदी की सारी जानकारी और उससे जुड़े कागजात अपने साथ जरूर रखें। चेकिंग के दौरान अगर आप 50,000 से अधिक नगदी ले जाते हुए पकड़े जाते हैं तो आपको उस नगदी का प्रमाण देना होगा और उससे जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज आपको चेकिंग दस्ता को दिखाने होंगे और उसके बाद ही आपको नगदी के साथ आगे जाने दिया जाएगा। अगर कोई व्यक्ति तय सीमा से अधिक नगदी ले जाता हुआ पकड़ा जाता है और नगदी से जुड़ी सही जानकारी और दस्तावेज नहीं दिखाता है तो पुलिस उस नगदी को मौके पर ही जब्त कर लेगी। इसके बाद रकम को वापस लेने के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया का भी सामना करना पड़ सकता है।

चुनाव आयोग ने इसकी निगरानी के लिए पुलिस और अन्य चेकिंग दस्ता की टीमें लगाई है। अगर रकम 10 लाख से कम है तो पुलिस नगदी जब्त कर कलेक्ट्रेट कोषागार के हवाले कर देगी। वहीं, अगर रकम 10 लाख से अधिक है तो आयकर विभाग कब्जे में लेकर जांच कर आगे की कार्रवाई करेगा।

हो सकती है 6 महीने से 2 साल तक की सजा

अगर कोई व्यक्ति 10 लाख से अधिक की रकम के साथ पकड़ा जाता है तो आयकर विभाग पूरी जांच पड़ताल करेगा। दस्तावेज सही होने पर और उस रकम से जुड़ा टैक्स अदा करने के बाद ही छोड़ा जाएगा। अगर कोई गड़बड़ी मिलती है तो कानून के अनुसार नियमानुसार जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, रकम का अगर चुनाव से ताल्लुख मिलता है तो उसे चुनाव आयोग के हवाले कर दिया जाएगा। अगर रकम किसी कारोबार या अन्य कार्य से जुड़ी हुई है और चेकिंग के दौरान दस्तावेज नहीं मिलते है तो जुर्माना अदा न करने पर 6 महीने से लेकर 2 साल तक की जेल भी हो सकती है।

नगदी ले जाते समय इन बातों का रखें ध्यान

चुनाव होने तक अपने साथ 50,000 से अधिक रकम लाने ले जाने से बचे।
लेन देन के लिए डिजिटल ट्रांजेक्शन का उपयोग करें, जैसे, नेट बैंकिंग, गूगल पे, पेटीएम समेत अन्य ऑनलाइन पेमेंट के तरीकों को अपनाएं।
अगर रकम 50,000 से अधिक है तो उसका प्रमाण और उससे जुड़े दस्तावेज अपने साथ जरूर रखें, साथ ही रकम कहां से ला रहे हैं और कहां ले जा रहे हैं इसका भी ब्यौरा अपने साथ रखें।
अगर रकम किसी फार्म या कारोबारी से जुड़ी है तो उससे संबंधित बिल, रसीद समेत अन्य दस्तावेज अपने साथ जरूर रखें।
अगर आपने रकम बैंक से निकाली है तो उसकी विदड्रॉल की रसीद या उसकी फोटोकॉपी और अपडेट पासबुक अपने साथ रखें।
अगर आपने एटीएम से रकम निकाली है और वह 50,000 से ज्यादा है तो, एटीएम की पर्ची या फिर मोबाइल पर आए डेबिट का मैसेज अपने पास सुरक्षित रखें।

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