उत्तर प्रदेश धीरे-धीरे दूसरी महामारी की लहर से उबर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को नए मामलों की संख्या केवल 251 तक सीमित थी, जो ढाई महीने में सबसे कम दैनिक आंकड़ा है। सभी जिलों में औसत परीक्षण सकारात्मकता दर को केवल 0.1% तक सीमित कर दिया गया है। वर्तमान में, यूपी में कुल 6,496 सक्रिय मामले हैं।

उत्तर प्रदेश में कोरोना का प्रभाव कमजोर हुआ 

राज्य सरकार द्वारा अपनाए गए प्रभावी उपायों को कोरोना संक्रमण के कम होने के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। एसीएस सूचना ने बताया कि घनी आबादी वाले राज्य में वायरस के विस्तार को रोकने के लिए पूरे क्षेत्र में सख्त दिशा-निर्देश लागू किए गए थे। अधिकारी ने संक्रमण के ग्राफ के नीचे जाने में राज्य के महत्वाकांक्षी और सक्रिय टीकाकरण अभियान के साथ-साथ यूपी में सीएम के कोरोना मॉडल टी 3 (ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट) की सराहना की।

टेस्टिंग की क्षमता भी बढ़ाई गई है और पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस संक्रमण के लिए 2,85,993 सैम्पल्स को टेस्ट किये गए है। इसके साथ, यूपी ने कोरोना संक्रमण के लिए लगभग 5,41,45,947 सैम्पल्स की जांच की है। इस विस्तृत टेस्टिंग क्षमता के बावजूद, यूपी के पॉजिटिविटी रेट में काफी गिरावट आई है। इससे यह संकेत मिलता है की लोगों में कोरोना संक्रमण अब कम हो रहा है।

परिणामस्वरूप, राज्य में सक्रिय केस में गिरावट का पता लगाने में सक्षम रहा है। आंकड़ों के सम्बन्ध में, राज्य ने अप्रैल में दूसरी लहर के चरम के बाद से सक्रिय मामलों की संख्या में 98% की कमी आयी है। राज्य की राजधानी लखनऊ को छोड़कर, जहाँ वर्तमान में 393 कोरोना रोगियों का इलाज चल रहा है, बुधवार तक, यूपी के सभी जिले सक्रीय मामलों की संख्या को 300 से नीचे सक्रिय रखने में कामयाब रहे हैं। 

यूपी की विस्तृत टीकाकरण रणनीति

एसीएस सूचना ने इस बात पर प्रकाश डाला कि किस प्रकार माहमारी के खिलाफ लड़ाई में टीकाकरण को यूपी की व्यापक रक्षा रणनीति के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में शामिल किया गया है। राज्य ने टेस्टिंग और ट्रेसिंग और कोरोना से सम्बंधित अनुकूल व्यवहार के साथ मिलकर बढ़ते महामारी के खतरे को कम करने के भरसक प्रयास किये है।

उत्तर प्रदेश ने लगभग 2.30 करोड़ वैक्सीन खुराक लगाने के साथ टीकाकरण लक्ष्य में कई राज्यों को पछाड़ दिया है। इसके साथ, राज्य ने अपनी लगभग 8.9% आबादी को पहली खुराक प्रदान की है और इस गिनती का 1.7% दोनों खुराक के साथ पूरी तरह से टीका लगाया गया है।

इसके अलावा, राज्य ने मेडिकल ऑक्सीजन के आत्मनिर्भर उत्पादक के रूप में खुदको साबित किया है। राज्य में लगभग 14 और ऑक्सीजन उत्पादन प्लांटों को चालू कर दिया गया है ताकि कोरोना से त्रस्त लोगों की मांगों को पूरा किया जा सके। मुख्य सचिव ने बताया कि यहां 436 स्वीकृत ऑक्सीजन प्लांटों में से लगभग 100 पहले से ही काम कर रहे हैं, जबकि अन्य का काम तेजी से चल रहा है।

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