प्रदेश में महिला सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम’ (UPSRTC) ने अपनी बसों को जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम और पैनिक बटन से लैस करने का फैसला किया है। रिपोर्ट के अनुसार, निर्भया फंड से 15 करोड़ रुपये की लागत से, साधारण और एसी दोनों बसों सहित लगभग 11,750 बसों में यह सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। इस नए सिस्टम की मदद से लोगों को दुर्घटनाओं या अन्य आपदाओं के मामले में त्वरित आपातकालीन सेवाएं प्रदान की जाएंगी।

बसों में महिला सुरक्षा के लिए यूपीएसआरटीसी का प्रयास

बसों में महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों को जल्द ही जीपीएस ट्रैकर्स और पैनिक बटन के माध्यम से अपग्रेड किया जाएगा। अधिकारियों ने जानकारी दी है कि यह बटन बस को यूपी 112, राज्य पुलिस आपातकालीन हेल्पलाइन से जोड़ेगा, इसके बाद तत्काल उस स्थान पर पुलिस और इंटरसेप्टर से परिवहन निगम के अधिकारी मौके पर सहायता के लिए पहुंच जाएंगे।

आगे की सहायता के लिए, जीपीएस ट्रैकर्स से बस की लोकेशन का पता लगाया जाएगा और फिर साइट पर तत्काल सहायता पहुंचाई जाएगी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि यात्रा के दौरान चौबीसों घंटे बसों का सर्वेक्षण करने के लिए कंट्रोल रूम द्वारा ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग किया जाएगा।

निगम के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (Board of Directors) इस परियोजना के पक्ष में हैं और उन्होंने स्थापना प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। इसके टेंडर 28 मई को जारी किए गए हैं और 11 जून को टेंडर फाइल होंगे। टेंडर लेने वाली कंपनी अपना कमांड सेंटर बनाकर डायल 100 से जोड़कर इस सुविधा को संचालित करेंगी। इससे पहले, यह सिस्टम विशेष रूप से महिलाओं के लिए चलाई गई पिंक सेवा बसों में उपलब्ध कराए गए थे।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *