उत्तर प्रदेश में लॉकडाउन के कारण कोरोना के संक्रमण कि संख्या में भारी कमी आई है। प्रदेश में रिकवरी रेट बढ़ा है और मृत्यु दर भी पहले से कम हुई है। इसी के चलते प्रदेश सरकार ने कोरोना कर्फ्यू में ढील देने पर सहमति बनाई है। मुख्यमंत्री ने आज (शनिवार) को टीम-9 के साथ समीक्षा बैठक में कोरोना कर्फ्यू पर प्रमुखता से चर्चा की और इस दौरान कोरोना कर्फ्यू में ढील देने की बात कही। प्रदेश में 1 जून से उद्योग, दुकान तथा बाजारों को राहत दी जाएगी, हालांकि जिन इलाकों और जिलों में कोरोना के मरीजों की संख्या ज्यादा है वहां किसी भी तरह कि ढील नहीं दी जायेगी और प्रदेश में नाइट कर्फ्यू पहले कि तरह जारी रहेगा।

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने मीडिया को बताया कि बैठक में चर्चा के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को अनलॉक कर पूरी रूपरेखा तैयार करने को कहा गया है। सरकार कर्फ्यू में एक साथ छूट नहीं देगी बल्कि इसे फेस वाइस अनलॉक करेगी। प्रदेश में प्राथमिकता के आधार पर ही छूट दी जाएगी और कोरोना संक्रमण की स्थिति का आंकलन करने के बाद ही अनलॉक का दायरा बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही सरकारी व निजी दफ्तरों को भी सीमित संख्या में कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ खोलने का आदेश जारी किया जा सकता है। आपको बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को 30 जून तक सख्त निर्देश के साथ मौजूदा स्थिति का आकलन कर पाबंदियों के बारे में निर्णय लेने की छूट दी है।

यूपी में तेजी से घट रहा संक्रमण

उत्तर प्रदेश में कोरोना का खतरा अब धीरे धीरे कम होता जा रहा है। प्रदेश में बीते 24 घंटों में संक्रमण के 2,287 नए केस आए हैं, जबकि डिस्चार्ज होने वालों की संख्या 7902 है। वर्तमान में कुल कोरोना मरीजों की संख्या 46,201 है। इनमें से 26,187 लोग होम आइसोलेशन में हैं और अपना उपचार करवा रहें हैं। सरकार कि प्रदेश में टेस्ट, ट्रेस और ट्रीट की निति का राज्य को बहुत बड़ा फायदा मिला है, और यही कारण है कि आज संक्रमण की दर घट कर मात्र 0.8 प्रतिशत रह गई है। वहीं, रिकवरी दर 96.10 प्रतिशत हो गई है। बीते 24 घंटों में 3,30,289 सैम्पल की टेस्टिंग की गई है, इसमें 1,54,000 टेस्ट आरटी -पीसीआर के माध्यम से किए गए हैं।

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