उत्तर प्रदेश सरकार ने प्राइवेट विश्वविद्यालय अधिनियम, 2017 में संशोधन किया है। यह संशोधन राज्य के प्राइवेट विश्वविद्यालयों को ऑफ-कैंपस केंद्र खोलने की अनुमति देने के लिए किया गया है। यह नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप आया है, जो सभी निजी विश्वविद्यालयों को अपने मुख्य परिसर के बाहर केंद्र स्थापित करने की अनुमति देता है। कथित तौर पर, इन नए केंद्रों को विश्वविद्यालयों के घटक (constituents) के रूप में संचालित किया जाएगा, हालांकि इन केंद्रों के मुख्य परिसर से संबद्ध नहीं होंगे।

यूपी में उच्च शिक्षा के रास्ते बढ़ाने के लिए नया संशोधन

उच्च शिक्षा के परिचालन को बदलते हुए, उत्तर प्रदेश राज्य ने निजी विश्वविद्यालयों को ऑफ-कैंपस केंद्र स्थापित करने का अधिकार दिया है। उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने मंगलवार देर रात नए प्रावधान की घोषणा की, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दायरे में सभी जिलों में विश्वविद्यालय पंजीकरण को बढ़ावा देना है।

“एनईपी प्रत्येक जिले में एक उच्च शिक्षा संस्थान स्थापित करके छात्रों के एनरोलमेंट में वृद्धि करना चाहता है। नए ऑफ-कैंपस केंद्र एनईपी में बताए गए एनरोलमेंट की अपेक्षाओं को पूरा करेंगे।”

निजी विश्वविद्यालयों को ऑटोनोमी प्रदान करना

इस बीच, सरकारी मानदंडों को पूरा करने वाले कॉलेजों को भी विश्वविद्यालय में अपग्रेड करने का अधिकार दिया गया है। यह कदम उच्च शिक्षा में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, कॉलेज बड़े हो सकते हैं, भले ही वे प्रायोजक प्राधिकरण (sponsoring authority) के नाम पर न हों

उच्च शिक्षा की एडिशनल मुख्य सचिव मोनिका एस गर्ग ने कहा, “पहले केवल वे संस्थान जो प्रायोजक प्राधिकरण के नाम पर थे, वे ही आवेदन कर सकते थे। जो संस्थान डिग्री कॉलेज के नाम पर थे, उन्हें एक विश्वविद्यालय में अपग्रेड होने के लिए प्रायोजन प्राधिकरण में इसे ट्रांसफर करना था जिसमें प्रक्रियात्मक बाधाएं शामिल थीं।” उन्होंने कहा कि राज्य ने अब प्रक्रिया को आसान बना दिया है, जहां निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2017 के अनुसार,कॉलेजों को भी निजी विश्वविद्यालयों के रूप में स्थापित किया जाएगा।

संशोधन प्राइवेट विश्वविद्यालयों को ऑटोनोमी प्रदान करता है, जिन्हें अब राज्य की पुष्टि की आवश्यकता नहीं है। पहले क़ानून की पुष्टि करने का अधिकार अब विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद को आवंटित कर दिया गया है।

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