उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी जिला स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त पोस्ट-कोविड उपचार देने का फैसला किया है। कथित तौर पर, यह सुविधा पहले केवल यूपी में राज्य द्वारा संचालित पोस्ट कोविड केंद्रों पर उपलब्ध थी। इस फैसले से उन लोगों को आर्थिक रूप से मदद मिलेगी, जिनको इलाज करवाने के लिए अस्पताल के खर्चों का बोझ उठाना पड़ रहा है। कोरोना संक्रमण से उबरने के बाद भी लोगों को कई दिन या महीने भर तक इससे जुड़े लक्षणों या दुष्प्रभावों से जूझना पड़ रहा है, क्योंकि यह वायरस  फेफड़ों के साथ किडनी, लिवर, हार्ट और धमनियों को भी प्रभावित करता है। इसी को देखते हुए संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी और राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज सहित सभी मेडिकल कॉलेजों, विशिष्ट चिकित्सा संस्थानों और निजी संस्थानों में यह सुविधा प्रदान की जाएगी।

पोस्ट कोविड मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत

कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर ने देश में नए मामलों के भार के साथ कई पोस्ट-कोविड समस्याओं की बाढ़ ला दी है। उत्तर प्रदेश में भी उन रोगियों की संख्या में भारी वृद्धि देखी गई, जो कोविड नेगेटिव होने के बाद भी अन्य बिमारियों से पीड़ित रहते हैं। सरकार के इस कदम से उन रोगियों को फायदा होगा, जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद भी उन्हें पोस्ट कोविड समस्याओं के चलते अस्पताल में भर्ती रखना पड़ता है। रिपोर्ट के अनुसार 62,000 सक्रिय मामलों में से 20,000 से अधिक का यूपी में इलाज चल रहा है।

चिकित्सा शिक्षा के प्रमुख सचिव ने कहा, “राज्य सरकार के संज्ञान में आया है कि महामारी के संक्रमण के लिए नेगेटिव परीक्षण के बावजूद, कुछ रोगियों को कोविड -19 जटिलताओं के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।” उनके इलाज को देखते हुए प्रशासन ने जनहित में ऐसे सभी मरीजों का मुफ्त इलाज करने का फैसला किया है, इसमें वे सभी रोगी शामिल होंगे जो उपचार के दौरान या बाद में कोरोना के दुष्प्रभावों के बारे में शिकायत करते हैं।

यूपी में सभी कोरोना वायरस मरीजों का होगा मुफ्त इलाज

राज्य भर के सभी मेडिकल कॉलेजों, राज्य सहायता प्राप्त, स्वायत्त और निजी अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों में मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। लखनऊ में, लोग संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी और राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

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