कोरोना काल के दौरान लोगों ने कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना किया और इसी के चलते लोगों ने अब खुद को स्वस्थ रखने के लिए योग और कसरत करना भी शुरू कर दिया है। कोरोना संक्रमण के दौर में खुद को फिट रखने में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है। योग आसनों की सही मुद्रा और उसे करने के बारे में जानकारी न होने की वजह से ज्यादातर लोगों को योग का सही फायदा नहीं मिल पाता है।

इसे देखते हुए आईआईटी बीएचयू के केमिकल इंजीनियरिंग के तृतीय वर्ष के छात्र विधा भूषण और उनकी टीम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial intelligence) आधारित एक योग प्लेटफार्म तैयार किया है। इसे मल्टीप्लयेर योग गेमप्ले नाम दिया गया है, जिसे नैसकॉम फाउंडेशन (NASSCOM Foundation), सिस्को थिंगक्यूबेटर के मेंटरशिप आर्थिक सहायता और एनसीएल-आईआईटी (बीएचयू) इनक्यूबेशन सेंटर ( NCL-IIT (BHU) INCUBATION CENTRE) के तकनीकी मदद से बनाया गया है। 

सेहत के हिसाब से बताएगा योग

छात्र विधा भूषण ने बताया कि मल्टीप्लयेर योग गेमप्ले लोगों के स्वास्थ्य कारणों को ध्यान में रखकर योग का चुनाव कराने के साथ उन्हें सही तरीके से योग करने के बारे में जानकारी देगा। अपने ऑटो डिटेक्शन फीचर से न केवल गलत योग पोस्चर का पता लगाता है बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा ऑडियो-वीडियो की सहायता से उसे सुधारता भी है। फ़िलहाल इस प्लेटफार्म को वेबसाइट https://mpyg.in/ से उपयोग किया जा सकता है। 

योग हेल्प सिखाएगा सूर्य नमस्कार 

आईआईटी बीएचयू के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के अस्सिटेंट प्रोफेसर हरि प्रभात गुप्ता और उनकी टीम ने ‘योग हेल्प’ नाम से ऐसी तकनीक विकसित की है जो बिना प्रशिक्षक की देखरेख के सही तरीके से योग सीखने में मदद करती है। प्रोफेसर गुप्ता ने बताया कि योग हेल्प स्मार्ट फोन के सेंसर का लाभ उठाकर सूर्य नमस्कार के 12 लिंक स्टेप्स को उनके शुद्धता स्तर के साथ पहचानता है। इस तकनीक को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जर्नल में जगह मिली है।

प्रोफेसर गुप्ता के निर्देशन में तकनीक को विकसित करने वाली टीम में डॉ.आशिष गुप्ता, तनिमा दत्ता, डॉ. प्रीति कुमारी और राहुल मिश्रा शामिल है। इसी साल अक्टूबर तक यह तकनीक एंड्राइड और आईओएस मोबाइल फोन उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध होगी। 

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