उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना महामारी को देखते हुए छात्रों के हित में बड़ा फैसला लिया है। सीएम और डिप्टी सीएम के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद फैसला लेते हुए यूपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। इससे पहले सीबीएसई ने भी 12वीं की परीक्षाएं रद्द करने का की घोषणा की थी। यूपी बोर्ड 12वीं में इस बार 26,09,501 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। वहीं प्रदेश सरकार ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर पिछले महीने यूपी बोर्ड की दसवीं की परीक्षा भी निरस्त कर दी थी। इसके बाद हाई स्कूल के 30 लाख परीक्षार्थियों को 11वीं कक्षा में प्रोन्नत किया जाएगा।

सीएम के साथ उच्चस्तरीय बैठक के बाद डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने प्रेस वार्ता में कहा कि, जैसे की फ़िलहाल कोरोना महामारी अभी नियंत्रित नहीं है और इसे नियंत्रित करने में कुछ समय लग सकता है, इस वजह प्रधानमंत्री ने अलग- अलग प्रदेशों की समीक्षा की थी, जिसके बाद केंद्र सरकार ने सीबीएसई बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को रद्द कर दिया था, आज हमने यूपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया है। छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए ये फैसला लिया गया है.

 जानें कैसे होगा प्रमोशन और मूलयांकन

छात्रों का प्रमोशन और मूलयांकन कक्षा 10वीं में जिस तरह से नंबरों का फॉर्मूला रखा गया है, ठीक वही फॉर्मूला 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए अपनाया जाएगा। इसके साथ ही कक्षा 9वीं के नंबर कक्षा 10वीं के प्री बोर्ड के नंबर के औसत के आधार पर 10वीं के छात्रों को अंक दिये जाएंगे। अगर प्री बोर्ड के या 9वीं के नंबर नहीं होगे तो भी छात्र को प्रमोट किया जाएगा। भविष्य में छात्र के पास रेगुलर परीक्षा में बैठने का विकल्प भी होगा.

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