उत्तर प्रदेश में आतंकी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए देवबंद समेत प्रदेश के 12 जगहों पर एटीएस की नई इकाइयां स्थापित की जाएंगी। इसके लिए 10 जिलों में जमीन का आवंटन हो गया है। जबकि दो जिलों में जमीन चिन्हित करने की प्रक्रिया चल रही है। हर इकाई में डेढ़ से दो दर्जन कमांडो की तैनाती की जाएगी। उधर, सीएम ने एटीएस को और मजबूत करने के लिए प्रस्ताव मांगा है। एटीएस को जल्द ही और अत्याधुनिक संसाधनों से लैस किया जाएगा। साथ ही समुचित मानव संसाधन भी मुहैया कराया जाएगा। 

एटीएस की 12 नई इकाइयों की स्थापना होगी 

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी का कहना है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को और दुरुस्त करने के साथ ही आतंकी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश भर में सुरक्षा बलों के सेंटर खोले जा रहे हैं। इसी के तहत एटीएस की 12 नई इकाइयों की स्थापना प्रस्तावित है। सर्वाधिक संवेदनशील माने वाले जिलों में एटीएस के सेंटर बनाकर कमांडो तैनात करने की योजना है। जिससे आतंकी घटना होने पर तत्काल उससे निपटा जा सके।

देवबंद में एटीएस का कमांडो ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा

अपर मुख्य सचिव गृह ने बताया कि अवध इलाके में श्रावस्ती और बहराइच और मेरठ, अलीगढ़, ग्रेटर नोएडा (जेवर एयरपोर्ट), आजमगढ़ (निकट एयरपोर्ट), कानपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र और सहारनपुर जिले के देवबंद में एटीएस का कमांडो ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके लिए संबंधित जिलों में भूमि आवंटित कर दी गई है और जल्द ही भवनों के निर्माण की कार्यवाही शुरू होगी। इसके अलावा वाराणसी और झांसी में एटीएस इकाई की स्थापना के लिए जल्द भूमि आवंटन की उम्मीद है। जबकि एटीएस को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए भारत-नेपाल सीमा पर बहराइच और श्रावस्ती में स्थापित एटीएस की नई फील्ड यूनिट काम कर रही है। 

यूपी पुलिस की पहली स्नाइपर टीम तैयार 

एनएसजी की तरह खतरनाक ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए प्रदेश में एटीएस के विशेष पुलिस संचालन दाल का गठन वर्ष 2017 में किया गया था। बीएसएफ , सीआरपीफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी के विशेषज्ञों द्वारा स्पॉट कर्मियों को प्रशिक्षण दिलाया जाता है। वर्तमान में स्पॉट की 5 टीमें तैयार है और दो टीमें प्रशिक्षण ले रही हैं। वहीं दो अन्य टीमों के लिए कार्यवाही चल रही है। इसके अलावा यूपी पुलिस की पहली स्नाइपर टीम की चार टोलियां भी तैयार की गई है, जिसे एनएसजी ने प्रशिक्षित किया है। 

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *