देश में कोरोना के नए वैरियंट ओमिक्रॉन ने सभी लोगों की चिंता को बढ़ा दिया है और महामारी के भविष्य को संदेह में डाल दिया है। उत्तर प्रदेश में समय रहते इस नए वैरियंट से  निपटने के लिए जीनोम सिक्वेसिंग दुबारा शुरू करने का फैसला लिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को कोविड नियंत्रण को लेकर हुई उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस संबंध में निर्देश दिए।

 कई अन्य मेडिकल संस्थानों में शुरू की जाएगी जीनोम सिक्वेसिंग

रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के मुख्यमंत्री ने केजीएमयू और एसजीपीजीआई के अलावा बीआरडी गोरखपुर, एलएलआर मेडिकल कॉलेज मेरठ और महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज झांसी में भी जीनोम सिक्वेंसिंग शुरू करने के निर्देश दिए, जिससे सभी इलोकों के सैंपल भेजने में आसानी रहे।

इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे देशों व प्रदेशों से यूपी पहुंचने वाले हर व्यक्ति की कोविड जांच की जाएगी। इसके लिए बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन व एयरपोर्ट पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। केंद्र सरकार की गाइडलाइन को लागू किया जाए।

बैठक में नगर विकास और ग्राम्य विकास विभाग प्रदेश में स्वच्छता व सैनिटाइजेशन कार्य तेजी से करवाने के भी निर्देश दिए गए, साथ ही निगरानी समितियों को सक्रिय होने के लिए भी कहा गया, जिससे संक्रमितों की समय से पहचान और समय पर इलाज हो सके।

टीकाकरण की दी जाएगी गति

महामारी के खिलाफ तैयारियों को मज़बूत करने के लिए टीकाकरण के कवरेज को भी बढ़ाया जाएगा। इसके लिए पहली डोज न पाने वालों की अलग सूची तैयार की जाएगी और जिनकी दूसरी डोज़ का समय निकल गया हैं उनकी भी अलग सूची बनाई जाएगी। दिव्यांगों, निराश्रित व वृद्धों से संपर्क कर उनका टीकाकरण किया जाएगा।

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