अब अगर आप अपनी मनपसंद गाड़ी खरीद रहे है, और उसके साथ ही आप चाहते है कि आपको अपनी गाड़ी के लिए मनपसंद नंबर भी मिल जाए वो भी गाड़ी बुक करवाने के दौरान ही, तो अब यह संभव है आप तत्काल अपना मनपसंद गाड़ी का नंबर चुन सकते है। उत्तर प्रदेश में अब गाड़ी खरीदने से पहले वाहन मालिक गाड़ी का मनपसंद नंबर ले सकेंगे। प्रदेश में वाहन की खरीद प्रमाणित होने से पहले ही लाइसेंस प्लेट नंबर बुक करने की अनुमति दे दी गई है और 1 जुलाई से शोरूम पर ही सीधे इच्छित या फैंसी/वीआईपी नंबर प्राप्त करने में सक्षम होंगे। साथ ही इसके लिए आपको आरटीओ कार्यालय के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे। यह सुविधा लखनऊ, कानपुर समेत यूपी के अन्य जिलों में केवल दो या चार पहिया वाहन शोरूम पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वाहन पंजीकरण की प्रक्रिया आसान हो जाएगी।


अभी तक व्यवस्था यह थी की नए वाहनों के खरीदार सिर्फ वीआईपी नंबरों की बुकिंग करा सकते थे। लेकिन अब वाहन खरीदने से एक महीने पहले मात्र 1,000 रुपये की फीस देकर शोरूम पर ही हर तरह के नंबरों को ले सकतें हैं। परिवहन आयुक्त धीरज साहू ने बताया कि डीलर प्वाइंट पर वाहनों के तत्काल रजिस्ट्रेशन के साथ नंबर देने की व्यवस्था बनाई जा रही है। जिसकी शुरुआत एक जुलाई से होगी। इस नई व्यवस्था से फैंसी नंबर प्लेट की बुकिंग की प्रक्रिया में भी बदलाव आएगा। अब तक, जो लोग एक निश्चित संख्या (वांछित लाइसेंस प्लेट) चाहते थे, उन्हें इसकी ऑनलाइन नीलामी में भाग लेना पड़ता था। इस नंबर को प्राप्त करने के बाद, मालिक को इसे एक सप्ताह के भीतर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में पंजीकृत करना था। हालांकि, ऐसी फैंसी या मनचाही प्लेट अब एक महीने पहले बुक की जा सकती हैं। डीलरशिप पर तत्काल नंबर देने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी। लोग ऑनलाइन बुकिंग भी कर सकते हैं, यदि वे एक लाइसेंस नंबर चाहते हैं जो फैंसी नंबर प्लेट की सूची में नहीं है।

आरटीओ ने 4 परमिट संबंधी सेवाएं ऑनलाइन की

परिवहन विभाग ने अपनी चार परमिट-संबंधित सेवाओं को ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। परमिट का नवीनीकरण (renewal of permits), डुप्लिकेट परमिट (duplicate permits), परमिट का हस्तांतरण ( transfer of permits) और परमिट का निरसन (revocation of permits) जैसे परमिट के कार्य अभी तक मैन्युअल ही आरटीओ कार्यालय पर किये जा रहे थे, लेकिन अब डिजिटाइजेशन से ऑटोमेशन को बढ़ावा मिलेगा और परमिट जैसे आवेदनों को जनता आसानी से अब घर बैठे कर सकेगी। आवेदकों को अब पहले फीस ऑनलाइन जमा करनी होगी, जिससे महामारी के बीच आरटीओ कार्यालय जाने की भाग दौड़ से बचा जा सकेगा। इसके साथ ही परिवहन से सम्बंधित सभी कार्य आसानी से अब मोबाइल और कंप्यूटर पर घर बैठे किये जा सकेंगे।