मुख्य बिंदु

उत्तर प्रदेश में चुनाव समय पर होगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 14 मई को खत्म हो रहा है।
इस बार कोरोना को देखते हुए पोलिंग टाइम को एक घंटा बढ़ाया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग द्वारा पहली बार 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग मतदाताओं तथा कोविड-19 से प्रभावित मतदाताओं को घर पर ही बैठकर पोस्टल वोट की वैकल्पिक सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
चुनाव आयोग ने कहा कि ऐसे सभी मतदाताओं की सूची राजनीतिक दलों को दी जाएगी और वीडियोग्राफी की टीम उनके घर जाएगी और इस दौरान मतदान की गोपनीयता भी न भंग हो, इसका पूरा ख्याल रखा जाएगा।
आगामी चुनाव में प्रदेश में कम से कम 800 मतदान केंद्र ऐसे होंगे, जहां सभी कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी महिलाएं ही होंगी।
चुनाव में पारदर्शिता कायम करने के लिए कम से कम एक लाख बूथों पर वेबकास्टिंग की जाएगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा

उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव समय से ही होंगे। लखनऊ में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने बताया कि सभी राजनीतिक दल समय पर चुनाव कराना चाहते हैं, इसलिए कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कराते हुए चुनाव समय पर होंगे। प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए वोटरों की संख्या 15 करोड़ का आंकड़ा पार कर गई है। यूपी में मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान में 52.8 लाख नए वोटर जुड़े हैं। अब प्रदेश में कुल वोटर 15.02 करोड़ हैं और 5 जनवरी को फाइनल वोटर लिस्ट जारी होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चुनाव की अधिसूचना जनवरी के दूसरे हफते में जारी हो सकती है। चुनाव आयोग ने इस बार राजनीतिक दलों के सुझावों के आधार इस बार चुनाव से जुड़े  बड़े ऐलान भी किये हैं।

यूपी में पहली बार डोर स्टेप वोटिंग सुविधा

चुनाव में वोटरों की सुविधा और भागीदारी बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग ने दिव्यांग और 80 साल से ज्यादा उम्र के वोटरों को इस बार घर बैठे वोट करने की सुविधा देगा और कोविड संक्रमित मरीज भी घर बैठे वोट डाल सकेंगे। दिव्यांग और 80 साल से अधिक उम्र के जो वोटर घर से वोट करना चाहते हैं उन्हें इसका फॉर्म भरना होगा। इसके बाद आयोग के कर्मचारी घर जाकर उनका बैलेट जमा करवाएंगे और इस प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी होगी। इसके साथ ही ऐसे वोटरों की सूचि सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध करवाई जाएगी। प्रदेश में 80 साल से अधिक उम्र के वोटरों की संख्या 24 लाख से अधिक है। करीब 10.64 लाख दिव्यांग वोटर है, जबकि 2.99 लाख सर्विस वोटर हैं। इसके साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए जानकारी दी कि दिव्यांग वोटरों को पिक एंड ड्रॉप की सुविधा भी मिलेगी।

वोटिंग का समय 1 घंटे बढ़ा, बढ़ेगी पोलिंग बूथों की संख्या

कोरोना काल को देखते हुए चुनाव में वोटिंग का वक्त पूरे राज्य में 1 घंटा बढ़ा दिया गया है। अब सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे के बजाय वोटिंग 8 बजे से 6 बजे तक होगी। प्रदेश में कोरोना के खतरे को देखते हुए अब एक बूथ पर 1500 वोटर्स की जगह 1250 लोग ही वोट कर पाएंगे और इसके चलते 11,000 बूथ बढ़ाए गए हैं।

पारदर्शिता के लिए वेबकास्टिंग और महिलाओं के लिए होगी अलग पोलिंग बूथ की व्यवस्था

इस बार चुनाव में पारदर्शिता कायम करने के लिए कम से कम एक लाख बूथों पर वेबकास्टिंग की जाएगी। यह प्रदेश में पहली बार होगा जब इतनी बड़ी संख्या में पोलिंग बूथ पर वेबकास्टिंग होगी। इसके साथ ही पहली बार कम से कम 800 पोलिंग स्टेशन ऐसे बनाये जाएंगे जहां सभी सुरक्षाकर्मी और पोलिंग अधिकारी महिलाएं होंगी। यहां महिलाएं आराम से वोटिंग कर सकेंगी।

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