उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले का ओडीओपी उत्पाद काला नमक चावल की बिक्री अब फ्लिपकार्ट के ऑनलाइन प्लेटफार्म से भी होगी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अपर मुख्य सचिव डा. नवनीत सहगल ने सोमवार को फ्लिपकार्ट से बिक्री के लिए 250 किलो चावल की पहली खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, यह चावल सिंगापुर जाएगा। फ्लिपकार्ट पर एफपीओ कपिलवस्तु किसान निर्माता कंपनी लि. को सिंगापुर में 250 किलो चावल का निर्यात आर्डर मिला था। यूपी का 'पवित्र चावल' काला नमक महात्मा बुद्ध को काफी प्रिय था। ज्ञान प्राप्ति के दिन सुजाता ने महात्मा बुद्ध को जो खीर भेंट की थी वह काला नमक चावल से बनी थी। भगवान बुद्ध काला नमक चावल की खुश्बू और स्वाद की दीवाने थे। यूपी सरकार की ओडीओपी योजना के तहत खत्म हो रहा काला नमक चावल, देश-दुनिया में दोबारा से मशहूर हो रहा है।


वर्चुअल प्लेटफार्म से किसानों को संबोधित करते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अपर मुख्य सचिव डा. नवनीत सहगल ने कहा कि ओडीओपी और फ्लिपकार्ट की साझेदारी नए पड़ाव पर आ गई है। सिद्धार्थनगर के काला नमक चावल का संबंध महात्मा बुद्ध से है। ऐेसी कहावत है कि महात्मा बुद्ध जब सिद्धार्थनगर से जाने लगे तब उन्होंने स्थानीय लोगों को एक चावल दिया और कहा था कि इस चावल की सुगंध हमेशा उनकी याद दिलाती रहेगी।

अब फ्लिपकार्ट के माध्यम सिद्धार्थनगर का काला नमक चावल देश-दुनिया में पहुंचेगा। इससे सिद्धार्थनगर के किसानों को चावल की अच्छी कीमत मिलेगी। और उनकी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार होगा। उन्होंने कहा कि एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत सिद्धार्थनगर में सामान्य सुविधा केन्द्र (सीएफसी) निर्माणाधीन है। सीएफसी स्थापित हो जाने के बाद चावल के भण्डारण के लिए वातानुकूलित गोदाम, ग्रेडिंग के अधार पर विपणन तथा पैकेजिंग सहित आवश्यक सुविधाएं मिलने लगेंगी। इसके अतिरिक्त एक अन्य सीएफसी का निर्माण भी प्रस्तावित है।

सेहत के लिए बेहद लाभकारी है काला नमक चावल

चीफ कार्पोरेट आफिसर फ्लिपकार्ट ग्रुप रजनीश कुमार ने कहा कि स्वदेशी ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस होने के नाते फ्लिपकार्ट ने हमेशा से ही किसानों के लिए आर्थिक अवसर पैदा करने के लिए निवेश किया है। फ्लिपकार्ट द्वारा किसानों की पहुंच बाजारों तक सुगम बनाने के मकसद से टेक्नालॉजी के प्रयोग पर ध्यान दिया जा रहा है।

काला नमक के लिए सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, महराजगंज, कुशीनगर, बस्ती, देवरिया, संतकबीरनगर, बाराबंकी, गोंडा, बहराइच और बलरामपुर को जीआई टैग मिला है। इसमें आयरन और जिंक जैसे माइक्रो- न्यूट्रिएंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं। जो लोग निरंतर काला नामक चावल खाते हैं, उनमें अल्जाइमर की बीमारी का खतरा बहुत ही कम हो जाता है। डायबिटीज के मरीजों को भी इससे फायदा होता है। इस चावल की कीमत (Kala Namak Rice) 300 रुपए किलो के आस-पास है।