जरुरी बातें

प्रदेश में ड्रोन निर्माण इकाइयां स्थापित करने के लिए कार्य योजना पर शुरू हुआ काम।
प्रदेश में ड्रोन उड़ाने के नियमों को बनाने के लिए तैयार किया जाएगा मैनुअल।
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में ड्रोन तकनीक पर सर्टिफिकेट या डिप्लोमा कोर्स शुरू किया जायेगा।
इस कदम से प्रदेश में कमर्शियल ग्रोथ को मिलेगा बढ़ावा।
व्यवसायों और कंपनियों को राज्य में अपने केंद्र स्थापित करने के किया जाएगा प्रोत्साहित।

उत्तर प्रदेश सरकार ने डिजिटल प्रगति की दिशा में कदम बढ़ाते हुए राज्य भर में ड्रोन निर्माण इकाइयां स्थापित करने के लिए एक कार्य योजना पर काम शुरू कर दिया है। प्रशासन ने विभिन्न क्षेत्रों में मानव रहित विमानों के उपयोग के लाभ को मान्यता दी है। इसी के साथ ही मानव रहित विमानों को आपदा राहत, कृषि क्षेत्र, कानून और व्यवस्था के रखरखाव आदि के क्षेत्रों में नियोजित करने का निर्णय लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में ड्रोन उड़ाने के कोई स्पष्ट या आधिकारिक नियम नहीं होने के कारण अब राज्य अपना मैनुअल भी तैयार करेगा।

ड्रोन डिप्लोमा कोर्स के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करेगा IIT कानपुर

एक आधिकारिक बयान में, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि, “प्रदेश में ड्रोन निर्माण इकाइयां स्थापित करने के लिए एक ठोस कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए।” केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इसके मद्देनजर एक नीति जारी की है जिसके तहत राज्य सरकार को भी उसी के अनुरूप ड्रोन नियम तैयार करने होंगे।

इस मैनुअल में सुरक्षा की दृष्टि से किसी भी तरह की अनियमितता से बचने के लिए ड्रोन उड़ान की योग्यता के लिए प्रमाणपत्र और रखरखाव प्रमाणपत्र जारी करने के प्रावधान को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाना चाहिए। इसी के साथ मौजूदा ड्रोन की स्वीकृति, ऑपरेटर परमिट, छात्र रिमोट पायलट लाइसेंस, ड्रोन उपयोगकर्ताओं के लिए रिमोट पायलट इंस्ट्रक्टर प्राधिकरण भी विस्तृत होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में ड्रोन तकनीक पर सर्टिफिकेट या डिप्लोमा कोर्स शुरू करने पर भी विचार किया है। उन्होंने कहा, “जरूरत पड़ने पर आईआईटी कानपुर की मदद ली जाए।” कोरोना महामारी के दौरान ड्रोन का उपयोग विशेष रूप से निगरानी रखने और कीटनाशक के छिड़काव के लिए किया गया था।

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कदम से प्रदेश में कमर्शियल ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त यह प्लान, व्यवसायों और कंपनियों को राज्य में अपने केंद्र स्थापित करने के लिए आकर्षित करेगा। मुख्यमंत्री ने राज्य स्तर पर अधिकारियों को अन्य निवेशकों तक पहुंचने के लिए कहा और डिफेंस कॉरिडोर को इस उद्योग के लिए उपयोगी क्षेत्र के रूप में चिह्नित भी किया।

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