मुख्य बिंदु

नोएडा हेलीपोर्ट प्रोजेक्ट (Noida Heliport Project) को उत्तर प्रदेश सरकार ने मंजूरी दे दी है।
जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे की तरह ही नोएडा में हेलीपोर्ट का निर्माण किया जाएगा।
नोएडा हेलीपोर्ट का उपयोग बहुउद्देशीय होगा। यहां से कमर्शियल उड़ान होंगी।
यह रिपोर्ट पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी मॉडल) पर बनाया जा रहा है। शहर के सेक्टर-151ए में हेलीपोर्ट 9.35 एकड़ में बनेगा और इस पर 43.13 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
हेलीपोर्ट पर बेल और एमआई हेलीकॉप्टर्स के लिए हैंगर भी बनेगा। एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर 15 मीटर ऊंचा होगा और यहां 50 कारों की पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी।

नोएडा सेक्टर-151 ए में नोएडा हेलीपोर्ट प्रोजेक्ट (Noida Heliport Project) को उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी मंजूरी दे दी है और एक हफ्ते के अंदर काम शुरू करने के लिए टेंडर जारी कर दिए जाएंगे। इस हेलीपोर्ट का निर्माण 9.35 एकड़ जमीन पर पीपीपी मॉडल (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) पर 43.13 करोड़ की लागत से किया जाएगा और काम शुरू होने के 1 साल में बनकर तैयार हो जाएगा। इस हेलीपोर्ट पर एक साथ 6 हेलीकॉप्टर खड़े हो सकेंगे और यहां हेलीकॉप्टर की मरम्मत करने की भी सुविधा होगी। हेलीपोर्ट पर जरूरत पड़ने पर एयर एम्बुलेंस का भी प्रयोग कर सकेंगे।

नोएडा प्राधिकरण के मुख्य महाप्रबंधक राजीव त्यागी ने बताया कि 6 दिसंबर को अपर मुख्य सचिव (अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग) की अध्यक्षता में हुई थी जिसमें उत्तर प्रदेश शासन की पीपीपी बिड मूल्यांकन समिति ने हेलीपोर्ट परियोजना को मंजूरी दे दी थी।

हेलीपोर्ट पर होंगी विशेष सुविधाएं

Pictorial representation

नोएडा हेलीपोर्ट का उपयोग बहुउद्देशीय होगा और यहां से कमर्शियल उड़ान होंगी। हेलीपोर्ट का डिजाइन बेल 412 हेलीकॉप्टर के अनुसार तैयार किया गया है और यह 12 सीटर हेलिकॉप्टर है। इसके साथ ही यहां 5 बेल हेलिकॉप्टर के लिए पार्किंग की सुविधा भी होगी। यहां सबसे बड़ा 26 सीटर हेलिकॉप्टर एमआई-172 भी उपलब्ध होगा और यह आपातकालीन और वीआईपी गतिविधियों के लिए संचालित किया जा सकता है।

हेलीपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग 500 वर्गमीटर में होगी और यह 20 आने और 20 जाने वाले यात्रियों के लिए पर्याप्त होगा। हेलीपोर्ट का संचालन केवल दिन में होगा और यहां इलेक्ट्रिक सब स्टेशन, फायर स्टेशन, आंतरिक सड़कें और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी प्रावधान किया गया है।

हेलीपोर्ट में 50 कारों के लिए पार्किंग बनेगी

हेलीपोर्ट पर 50 कारों के लिए एक पार्किंग भी बनेगी। इसके साथ ही एक हेलिपैड, टैक्सीवे, पांच बेल 412 हेलीकॉप्टर के लिए भी पार्किंग बनेगी और 15 मीटर ऊंचा एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर होगा। सीओ ऋतु महेश्वरी ने बताया कि इस हेलीपोर्ट में बेल और एमआई हेलीकॉप्टर पार्क करने के लिए हैंगर और एप्रेन बनाए जाएंगे। एक हेलीपैड 52 मीटर चौड़ा और 52 मीटर लंबा होगा। इनका टैक्सीवे 10-10 मीटर लंबा-चौड़ा होगा। एक एप्रेन 170 मीटर लंबा और 52 मीटर चौड़ा होगा। ऐसे 5 एप्रेन बनाए जाएंगे। हेलीपोर्ट पर बेल और एमआई हेलीकॉप्टर्स के लिए हैंगर भी बनेगा। हेलीपोर्ट से सेवा की शुरुआत 2022 के अंत या 2023 के शुरू में होगी।

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