मुख्य बिंदु

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के अनुसार,मात्र 36 घंटे में ताजपूर्वी मेट्रो स्टेशन की छत तैयार करने के लिए नौ डबल टी-गर्डर रखे गए हैं।

➡आगरा मेट्रो के तीन एलिवेटेड स्टेशन निर्माणाधीन हैं और टीडीआई मॉल के सामने मेट्रो के पहले एलिवेटेड स्टेशन का निर्माण तेज गति से चल रहा है।

➡आगरा विकास प्राधिकरण ने मेट्रो रेल रूट के 50 मीटर दायरे में बनने वाले भवनों के नक्शे पास करने के लिए यूपीएमआरसी की अनुमति अनिवार्य कर दी है।

➡मेट्रो सिकंदरा से ताजमहल और कालिंदी विहार से आगरा कैंट स्टेशन के बीच दो रूट पर बनाई जा रही है।

आगरा मेट्रो का काम अपनी पूर्ण रफ़्तार से जारी है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के दावों के अनुसार,मात्र 36 घंटे में ताजपूर्वी मेट्रो स्टेशन की छत तैयार करने के लिए नौ डबल टी-गर्डर रखे गए हैं। आगरा मेट्रो के तीन एलिवेटेड स्टेशन निर्माणाधीन हैं और जिनमें से फतेहाबाद रोड पर टीडीआई मॉल के सामने मेट्रो के पहले एलिवेटेड स्टेशन का निर्माण तेज गति से चल रहा है। आगरा परियोजना प्रबंधक अरविंद राय ने बताया कि अब तक कुल 11 डबल टी गर्डर रखे जा चुके हैं। जिनमें नौ गर्डर 36 घंटे में रखे गए हैं। साथ ही 16 पिलर की कैप रखी जा चुकी है। हमारा लक्ष्य रिकार्ड टाइम में मेट्रो काम पूरा करना है। लखनऊ और कानपुर में हमने यह करके दिखाया है।

मेट्रो रूट के 50 मीटर दायरे में निर्माण के लिए मेट्रो से लेनी होगी अनुमति


आगरा विकास प्राधिकरण ने मेट्रो रेल रूट के 50 मीटर दायरे में बनने वाले भवनों के नक्शे पास करने के लिए यूपीएमआरसी की अनुमति अनिवार्य कर दी है। आगरा विकास प्राधिकरण मेट्रो रूट के 50 मीटर दायरे में विकास शुल्क पहले ही 10 फीसदी तक बढ़ा चुका है। अब मानचित्र स्वीकृत करने के लिए एनओसी भी अनिवार्य करने का आदेश जारी कर दिया गया।

आगरा विकास प्राधिकरण के मुख्य नगर नियोजक आरके सिंह ने बताया कि मेट्रो की एनओसी के संबंध में पत्र जारी कर दिया गया है। यूपी मेट्रो रेल कारपोरेशन के अधिकारी पहले ही यह बता चुके थे कि नक्शा पास करने के लिए उनकी अनुमति लेनी होगी। मेट्रो सिकंदरा से ताजमहल और कालिंदी विहार से आगरा कैंट स्टेशन के बीच दो रूट पर बनाई जा रही है। इस पूरे रूट पर सोमवार से यह आदेश लागू हो गया।


जिस रफ़्तार से आगरा में मेट्रो का काम चल रहा है उससे तो यही अनुमान लगाया जा सकता है की शहरवासियों के आवागमन को आसान बनाने के लिए यह सुविधा जल्द ही वास्तविकता में बदलेगी।