जरुरी बातें

बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे आगामी 31 दिसंबर तक किया जायेगा शुरू।
यह एक्सप्रेस-वे करीब 296 किलोमीटर लम्बा होगा।
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे बुंदेलखंड क्षेत्र को सड़क मार्ग के जरिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जोड़ेगा।
शुरुआत में यह एक्सप्रेसवे 4 लेन का होगा जिसे भविष्य में 6 लेन का किया जायेगा।
यह आगरा एक्सप्रेसवे से इटावा के पास कुदरैल गांव से शुरू होगा और चित्रकूट तक बनेगा बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे।

प्रदेश में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद अब प्रदेशवासियों के लिए सफर को और आसान बनाने के लिए बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की शुरआत की जाएगी। बीते सोमवार को मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को आगामी 31 दिसंबर तक शुरू करने के लिए सम्बंधित जिलाधिकारियों को जल्द से जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसी के साथ ही बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ इंडस्ट्रियल कॉरिडोर स्थापित करने के लिए भूमि चिह्नित कर काम तेज़ किया जायेगा।

देश का सबसे सुरक्षित एक्सप्रेस-वे कहा जाने वाला बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे बुंदेलखंड क्षेत्र को सड़क मार्ग के जरिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जोड़ेगा।


इस एक्सप्रेस-वे के द्वारा चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, ओरैया और इटावा जिलों के लोगों को लाभ मिलेगा। यह एक्सप्रेसवे चित्रकूट के भरतकूप से इटावा होकर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर कुदरैल के पास मिलेगा। इससे बुंदेलखंड का जुड़ाव यमुना एक्सप्रेस-वे और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से हो पायेगा।

यह एक्सप्रेस-वे करीब 296 किलोमीटर लम्बा होगा और इस एक्सप्रेस-वे की लागत में 14849.09 करोड़ तक का ख़र्च आएगा। शुरुआत में यह एक्सप्रेसवे 4 लेन का होगा जिसे भविष्य में 6 लेन का करने की संभावना है।

यह एक्सप्रेस-वे, आगरा एक्सप्रेसवे से इटावा के पास कुदरैल गांव से शुरू होगा और चित्रकूट तक बनेगा। आने वाले समय में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे, प्रयागराज एक्सप्रेस-वे के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुडऩे के बाद पूरे प्रदेश में सफर और आसान और कम अवधि का हो जायेगा। यह एक्सप्रेसवे बागेन, केन, श्यामा, चन्दावल, बिरमा, यमुना, बेतवां और सेंगर नदियों के ऊपर से होकर गुजरेगा।

बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से सफर करने वाले यात्रियों को कोई असुविधा न हो इसके लिए बीच-बीच में छह जगहों पर पेट्रोल पंप स्थापित किये जायेंगे। यूपी के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने बताया कि सरकार का उद्देश्य है कि चित्रकूट से दिल्ली तक का सफर महज 6 घंटों में तय हो सके।

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