उत्तर प्रदेश में महामारी की स्थिति को देखते हुए, राज्य के तकनीकी शिक्षा विभाग ने अहम् फैसला लिया है। विभाग ने अपने तहत एनरोल सभी वर्षों के छात्रों के लिए कार्यक्रम की घोषणा की है। कथित तौर पर, अधिकारियों ने कहा है कि तकनीकी विश्वविद्यालयों और पॉलिटेक्निक संस्थानों के अंतिम वर्ष के छात्र जुलाई के तीसरे सप्ताह में ऑनलाइन परीक्षा देंगे। इसके अलावा, प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्रों के लिए परीक्षाएं जुलाई के अंतिम सप्ताह में आयोजित की जाएंगी।

ऑनलाइन परीक्षा की सुगम प्रक्रिया के लिए सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है

Govt has taken a decision to hold final year exams of all students under technical education department in 3rd week of July. Other than final year, exams will take place in last week of July. It will be objective type and online. @[email protected][email protected] @ishajainTOI

— ALOK KUMAR (@74_alok) June 12, 2021 ">Also Read:


तकनीकी शिक्षा सचिव आलोक कुमार ने अपने आधिकारिक अकाउंट से ट्वीट कर इस ताजा फैसले की जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा मल्टीप्ल चॉइस प्रकार के प्रश्नों पर आधारित होगी और छात्रों को परीक्षा पूरी करने के लिए एक निर्धारित समय दिया जाएगा। जबकि राज्य सरकार ने इन परीक्षाओं को आयोजित करने के लिए प्राथमिक निर्देश जारी किए हैं, विभिन्न संस्थान परीक्षा प्रक्रिया का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए अपने नियम तैयार करेंगे।

कथित तौर पर, यह निर्णय डॉ एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी संस्थान, लखनऊ, हरकोर्ट बटलर तकनीकी विश्वविद्यालय, कानपुर और मदन मोहन मालवीय विश्वविद्यालय, गोरखपुर तक फैला हुआ है। इसके अतिरिक्त, रिपोर्ट् में कहा गया है कि फार्मा पाठ्यक्रमों के छात्रों के लिए भी परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।

रिपोर्टों के अनुसार, परीक्षा के लिए एक वर्चुअल इंटरफ़ेस विकसित किया जा रहा है, जो लैपटॉप और स्मार्टफोन सहित विभिन्न उपकरणों से इस्तेमालकिया जा सकेगा। इस कदम के माध्यम से, छात्र अपने घरों में आराम से परीक्षा में बैठ सकेंगे।

तकनीकी रुकावटों के कारण ऑनलाइन कक्षाएं प्रभावित हुईं



रिपोर्ट् के मुताबिक, फर्स्ट ईयर के छात्रों ने इस फैसले पर नाराजगी जताई क्योंकि राज्य सरकार ने उन्हें बिना परीक्षा के ही प्रमोट करने का फैसला किया था। इससे पहले, यह निर्णय लिया गया था कि केवल अंतिम वर्ष के छात्रों और द्वितीय वर्ष के छात्रों के लिए परीक्षा आयोजित की जाएगी, जो पिछले साल परीक्षा में शामिल नहीं हुए थे। इसके अलावा, समय और प्रश्नों को आधा करने के लिए परीक्षा में बदलाव किया गया था।

चल रही महामारी की स्थिति के कारण, राज्य में सिखाने और सीखने को बहुत नुकसान हुआ है। ऑनलाइन कक्षाओं के बावजूद, तकनीकी रुकावटों ने शिक्षा में बाधा उत्पन्न की। कथित तौर पर, कुछ छात्रों ने प्रशासन से परीक्षा आयोजित करने से पहले कक्षाएं फिर से शुरू करने के लिए कहा है।