कोरोना महामारी ने अनेक प्रकार की विषम परिस्थितियां आम नागरिकों से लेकर सरकार तक सभी के सामने कठिन चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ऐसे मुश्किल समय में भी आगरा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का काम दिसंबर से लेकर अभी तक लगातार जारी रहा है। इस तेज़ गति से काम करते हुए अब तक 'ताज ईस्ट गेट' से 'जामा मस्जिद' के बीच बन रहे प्रायोरिटी कॉरिडोर के ऐलिवेटिड सेक्शन में यूपी मेट्रो ने 18 पिलर व 414 पाइल बनाकर तैयार कर लिए हैं। इस कॉरिडोर में 13 स्टेशनों का निर्माण होगा। जिसमें 6 एलीवेटेड और 7 भूमिगत स्टेशन होंगे। उल्लेखनीय बात है की केवल 5 महीनों के समय में 414 पाइल, 18 पीयर (पिलर) और 50 पिलर के आधार बनकर तैयार हो गए हैं। इस तेज़ गति के साथ आगरा मेट्रो का पहला स्टेशन जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा।


कथित तौर, पर ताज ईस्ट गेट मेट्रो स्टेशन के लिए 'ए', 'बी' और 'सी' ग्रिड में पाइलिंग का काम पूरा कर लिया गया है। बी ग्रिड में 6 पीयर पहले ही बनकर तैयार हो गए थे, और ए और सी ग्रिड में पाइल कैप का निर्माण किया जा रहा है, और अभी इन दोनों ग्रिड में 3 पाइल कैप का निर्माण किया जा चुका है। आगरा में 29.4 किमी लंबे दो कॉरिडोर का मेट्रो नेटवर्क बनना है, जिसमें 27 स्टेशन होंगे।आगरा में 29.4 किमी लंबे दो कॉरिडोर का मेट्रो नेटवर्क बनना है, जिसमें 27 स्टेशन होंगे।

दिसंबर से शुरू हुए इस प्रोजेक्ट का पांच महीनों के भीतर काफी निर्माण हो चुका है और यूपीएमआरसी के एमडी कुमार केशव ने इसी तेज़ गति के काम को लेकर आगरा मेट्रो के अधिकारी की सराहना की और गति को ऐसे ही कायम रखने के निर्देश दिए। कानपुर और लखनऊ की तरह आगरा के मेट्रो रेल के दोनों कॉरिडोर में भी यूपी मेट्रो रेल वृक्षारोपण करेगी जिससे दोनों कॉरिडोर हरे भरे नज़र आएंगे।


कोविड-19 प्रोटोकाल का हो रहा पालन

यह बात आवश्यक है की मेट्रो के काम को पूरा करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं मज़दूर और इस समय में उनकी की सेहत और सुरक्षा का ख्याल रखना प्राथमिक है। इसी के चलते आगरा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में कोविड के सभी मानदंडों का सख्ती से पालन किया जा रहा है और मज़दूरों की आवश्यकताओं का ख़ास ध्यान रखा जा रहा है।