उत्तरप्रदेश में मौजूदा स्वास्थ्य के बुनायादी ढांचे को बेहतर बनाने के प्रयास में 783 चिकित्सकों को सरकारी अस्पतालों में तैनात किया जाएगा। इनमें से 480 नए चिकित्सा विशेषज्ञ होंगे, 79 पहले से चयनित हो चुके हैं और 224 रिटार्यड डॉक्टर्स को दुबारा यह काम सौंपा जाएगा।

आज की जा रही है आयोग से चयनित और सेवानिवृत चिकित्सकों की काउंसलिंग

यूपी में जिला चिकित्सालयों, संयुक्त चिकित्सालयों के साथ अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात किए जा रहे हैं। इसके कारण यहां प्रसूति रोग विशेषज्ञ, निश्तेचक, बाल रोग विशेषज्ञ, जनरल सर्जन एवं जनरल फिजिशियन की नियुक्ति अनिवार्य कर दी गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से एलोपैथिक विशेषज्ञ चिकित्साधिकारी (ग्रेड2) के 387 चिकित्सा विशेषज्ञों का चयन नवंबर के महीने में किया गया था और अब दिसंबर में 480 विशेषज्ञ चयनित किए गए हैं। इसी तरह अलग-अलग समय में चयनित उन 79 विशेषज्ञों को दोबारा मौका दिया गया है, जिन्होंने चयनित होने के बाद भी काउंसलिंग नहीं कराई थी। इन सभी की काउंसलिंग आज की जा रही है

इन केंद्रों पर किए जाएंगे चिकित्सक तैनात

नए चयनित होने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात किया जाएगा। कुछ को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी तैनाती मिलेगी। पहले उन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का विकल्प दिया जाएगा, जहांप्रसूति रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं हैं। इसी तरह फिजिशियन को उन सीएचसी पर तैनात किया जाएगा, जहां प्रसूति रोग विशेषज्ञ, निश्चेतक तो उपलब्ध हैं, लेकिन बाल रोग विशेषज्ञ नहीं हैं।

इन डॉक्टरों की तैनाती एक साल या अधिकतम 65 साल की सेवा के तहत किया जा रहा है. इसमें 19 MBBS डिग्री धारी की नई तैनाती, 16 को सेवा विस्तार, 94 चिकित्सा विशेषज्ञों की नई तैनाती और 95 को सेवा विस्तार दिया गया है. इस तरह कुल 224 ऐेसे चिकित्सकों की तैनाती की गई है, जो रिटायर हो चुके हैं.

 

 

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