कोरोनावायरस की संभावित तीसरी लहर से पहले, उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में 11 नई प्रयोगशालाओं के साथ सैंप्लिंग और परीक्षण क्षमता बढ़ाने का फैसला किया है। रिपोर्ट के अनुसार, यूपी के 75 में से 45 जिलों में आरटी-पीसीआर टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा, चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने आगे बताया कि शेष 30 जिलों में भी लैब विकसित करने के प्रयास जारी हैं।

यूपी में बीएसएल-2 ग्रेड लैब शुरू करने के प्रयास जारी


उत्तर प्रदेश में कोविड परीक्षण में तेजी लाने के लिए, राज्य ने औरैया, महोबा, बुलंदशहर, अमेठी, सिद्धार्थ नगर, देवरिया, बिजनौर, कासगंज, मऊ, कुशीनगर और सोनभद्र में नई आरटी-पीसीआर प्रयोगशालाएँ स्थापित करने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य महानिदेशक ने सरकार के एक आधिकारिक बयान में बताया कि बुलंदशहर में परीक्षण सुविधा का संचालन शुरू हो गया है।

इनमें से करीब 6 लैब के लिए राज्य को आईसीएमआर की मंजूरी भी मिल चुकी है। उन्होंने कहा, "शेष चार के लिए आवेदन संबंधित अधिकारियों के समक्ष लंबित है।" मुख्यमंत्री के निर्देश पर यूपी के शेष 30 जिलों में बीएसएल-2 ग्रेड लैब शुरू करने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है।

अधिकारियों का मानना ​​​​है कि नई प्रयोगशालाएँ राज्य की कोविड परीक्षण (RT-PCR) क्षमता को बढ़ाएँगी, जिससे प्रत्याशित तीसरी लहर के बीच ट्रेसिंग बेहतर ढ़ग से हो पाएगी और इसके बुनियादी ढ़ांचे में भी सुधार होगा। सोमवार तक, राज्य ने पिछले साल महामारी के प्रकोप के बाद से 5,73,48,462 कोविड-19 परीक्षण किए हैं।