अवध के नवाब अपने पीछे एक अद्वितीय संस्कृति छोड़ गए हैं, और लखनऊ शहर ने समय के साथ इसे जीवित रखने का अपना समकालीन तरीका ढूंढ लिया है। लखनऊ शहर में विभिन्न कलाओं का अनोखा समन्वय रहा है, जिनमें से चिकनकारी जैसी कला ने देश विदेश में काफी लोकप्रियता हासिल की, लेकिन अन्य कलाएं विशेष रूप से लखनऊ में ही रहीं, जिनके अस्तित्व का पता आपको शहर के याहियागंज की संकीर्ण गलियों में मिल जाएगा। यहां हम ‘नक़्क़ाशी’ की कला के बारे में बात कर रहे हैं- जो धातु को उकेरने की तकनीक है, यह जितनी लुभावनी दिखती है उतनी ही जटिल भी है।

हालांकि, आप कहीं भी एंटीक बर्तन पा सकते हैं, लेकिन आपको लखनवी नक़्कशी के बर्तनों से अधिक जटिल बर्तन कहीं नहीं मिलेंगे। भव्य डिजाइनों से लेकर साधारण नक्काशी तक, यह कला चांदी और ताम्बे के बर्तनों को सुशोभित करती रही है। पुराने समय में, यह नवाबी कलाकृतियाँ पानदान, खासदान और उगालदानों को सुशोभित करती थी जो आज भी लखनऊ की गुणों को रौशन कर रहे हैं।

परंपरागत रूप से इस कला का अभ्यास चांदी, तांबा या पीतल जैसी धातुओं पर नियमित रूप से किया जाता था, लेकिन आज, यह कला समकालीन परिवर्तनों के बीच किसी तरह जीवित रह रही है। नक़्क़ाशी एल्यूमीनियम और स्टील पर भी पायी जाती है। पड़ोसी जिले मथुरा और मुरादाबाद ने भी इस कला को जीवित रखने के लिए लखनऊ के कारीगरों को सहारा दिया और इन क्षेत्रों से काफी कच्चा माल शहर में आयात किया जाता है।

यह तकनीक श्रमसाध्य (laborious) रूप से बहुत कठिन है और कारीगर को छेनी और हथौड़ों के साथ धातु को लगातार पीटना होता है, जब तक कि वह डिजाइन में पूरी तरह न ढल जाए। सुंदर डिजाइनों को तराशने के लिए लोहे के स्लैब और पेपर स्टेंसिल का भी उपयोग किया जाता है।

हालांकि नक्काशी कालनिर्पेक्ष (timeless) है, लेकिन फिर भी प्रत्येक बीतते दिन के साथ घटते हुए नक़्क़ाशी की कला, अब केवल लखनऊ के कुछ सांस्कृतिक केंद्रों में ही पाई जा सकती है, जिनमें याहियागंज एक प्रमुख स्थान है। यहां की लुभावनी गलियां आपको अपनी गहराई में आकर्षित करेंगी, जो अपनी जीवंतता में शाही गौरव को दर्शाती हैं।

लखनऊ में नक्काशी कारीगर गिने-चुने रह गए हैं, क्योंकि बाज़ार की मांगे उतनी पर्याप्त नहीं है। लोग अब केवल हस्तनिर्मित (handmade) उत्पादों से मोहित रहते हैं, और अपने घरों के लिए नक्काशीदार चीज़ें खरीदने का उनका कोई इरादा नहीं है। जैसे जैसे बाजार में नए, सुविधाजनक और सस्ते उत्पाद भर रहे हैं, नक्काशी की उत्कीर्णन ( carving) और समय लेने वाली निर्माण प्रक्रिया मशीनी विकल्पों के आगे कम होती जा रही है।

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