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लखनऊ के सिकन्दर बाग़ में आज भी दिखती है प्राचीन कला एवं 1857 की क्रांति की झलक

प्रेमचंद द्वारा लिखी गयी विख्यात किताब ‘शतरंज के खिलाड़ी’ को पढ़ें या फिर सत्यजीत राय दवारा बनाये गए सिनेमाई रूपांतरण को देखें, दोनों में से किसी भी माध्यम से आपको लखनऊ शहर के 1857 के विद्रोह में किये गए अमूल्य योगदान का परिचय मिल जाएगा। पुरानी और नई वास्तुकला का मिश्रण हमे संपूर्ण पुराने लखनऊ […]