मुंबई शहर में ऐसा बहुत कुछ मौजूद है जिस कारण इसे ‘सपनों का शहर’ कहा जाता है और जो हम आपको आगे बताने जा रहे हैं, वह निश्चित रूप से शहर के सभी पुस्तक प्रेमियों के लिए एक सपने के सच होने जैसा है। मुलुंड के एक फुटपाथ पर स्थित, खंडोबा मंदिर चौक पर एक ओपन पुस्तकालय है जहाँ आप मुफ्त में किताबें ले सकते हैं। विभिन्न विधाओं की 2,000 पुस्तकों का एक संग्रह यहां प्रदर्शित किया गया है और उनमें से अधिकांश किताबें मुंबई के वरिष्ठ नागरिकों द्वारा दान में दिए गए हैं।

कोई भी किताब उठायें, मुफ्त में रजिस्टर करें और फिर वापस कर दें

मुंबई में कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मुलुंड में एक उपनगरीय फुटपाथ पर चौबीसों घंटे ओपन पुस्तकालय स्थापित किया गया है जिसने शहर के सभी उत्साही पाठकों का ध्यान आकर्षित किया है। वरिष्ठ नागरिक रमेश मेश्राम के दिमाग की उपज, इस पुस्तकालय का उद्देश्य मोबाइल फोन और टैबलेट के युग में हार्डबैक और किताबों के प्रति प्रेम को फिर से जगाने का महत्वपूर्ण कदम है।

एक आधिकारिक बयान में, श्री रमेश ने कहा कि उन्हें और उनकी दिवंगत पत्नी को किताबों के लिए प्यार था, जिसमें 500 शीर्षकों का संग्रह था। मेश्राम ने अपनी पत्नी के निधन के बाद किताबें दान करने का फैसला किया और फुटपाथ पुस्तकालय को स्थापित किया। यह सरल ख्याल जल्द ही सामाजिक कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नागरिकों के साथ प्रतिध्वनित हुआ जिन्होंने इस जगह को एक संरचना देने के लिए अपनी किताबें भी दान कर दीं।

इस क्षेत्र में अब एक मैकेनिकल इंजीनियर, एक सेवानिवृत्त सहायक पुलिस आयुक्त, एक पत्रकार, व्यवसायी और अन्य लोगों द्वारा दान की गई किताबें हैं जो पास में रहती हैं। इस जगह की सबसे अच्छी बात यह है की यह जगह ट्रैफिक-प्रोन क्षेत्र से दूर स्थित है और इसके चारों ओर बहुत सारी हरी खुली जगह है।

पुस्तकालय, उन सभी के लिए एक खजाना है जो आज कल की तकनीकी दुनिया में किताबों में अपना सुकून पाते हैं। कोई भी अपनी पसंद की किताब उठा सकता है, रजिस्टर में अपना नाम और संपर्क जानकारी दर्ज कर सकता है और बाद में उसे वापस कर सकता है। पुस्तकालय केलकर कॉलेज के आसपास के क्षेत्र में खड़ा है, जो पास से गुजरने वाले छात्रों के लिए किताबों की एक नई दुनिया खोल रहा है।

 

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *