मुख्य बिंदु

लखनऊ में दिव्यांगों और बुजुर्ग वोटर्स के लिए पोलिंग बूथों पर होगी विशेष व्यवस्था।
पोलिंग बूथों को दिव्यांगों के लिए फ्रेंडली रूप में विकसित किया जाएगा।
इस बार वोटिंग 11 घंटे होगी और वोटिंग का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक का होगा।
कोरोना संक्रमितों को वोट करने के लिए मिलेगा एक घंटे का अतिरिक्त समय।
जिन दिव्यांग और 80 साल से अधिक बुजुर्ग वोटर्स को पोस्टल बैलेट से वोट करना है वे सभी लोग 31 जनवरी तक बीएलओ के माध्यम से रिटर्निंग ऑफिसर को आवेदन जरूर करें।

लखनऊ में विधानसभा चुनाव के दौरान वोटिंग के लिए कोरोना संक्रमित वोटर्स को 6 बजे के बाद भी एक घंटे का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। इसके लिए डीएम अभिषेक प्रकाश का कहना है कि जो वोटर्स पोलिंग बूथ पर पीठासीन अधिकारी से अनुरोध करेंगे उनको बाद में एक घंटे का समय देकर उनका वोट डलवा दिया जाएगा। कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार वोटिंग के समय को एक घंटे पहले ही बढ़ा दिया गया है।

इस बार वोटिंग सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 6 बजे तक होगी और वोटिंग का समय 11 घंटे का होगा। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर इसके लिए वोटिंग केंद्रों पर इसकी व्यवस्था की जा रही है। वहीं, जो वोटर 6 बजे से पहले वोटिंग केंद्रों के अंदर होंगे उनको उलटे क्रम में पर्ची दे दी जाएंगी। इनको वोट डालने का मौका समय खत्म होने के बाद भी रहेगा। इसके साथ ही डीएम ने अपील की है कि जिन दिव्यांग, 80 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग पोस्टल बैलट से वोट करने की सुविधा चाहिए वो सभी अपने बीएलओ के माध्यम से 31 जनवरी तक रिटर्निंग ऑफिसर को आवेदन अवश्य दे दें।

महिलाएं संभालेंगी पोलिंग बूथ

लखनऊ में 4018 पोलिंग बूथों पर वोटिंग होनी है। महिलाओं को जागरूक करने के लिए इस बार एक प्रतिशत बूथ पर पूरी तरह से महिला कर्मचारी, अधिकारी और सुरक्षाकर्मी होंगी और इसके लिए 41 बूथ तैयार करवाए जा रहे हैं। एक बूथ को ग्रीन बूथ के रूप में तैयार किया जाएगा और यहां प्रदुषण नहीं होगा। रोशनी के लिए भी सोलर पैनल का उपयोग होगा। इसके साथ ही दिव्यांग, मरीजों के उपयोग के लिए गोल्फकार्ट उपलब्ध रहेगी। नौ बूथों को दिव्यांगों के लिए फ्रेंडली परिसर के रूप में विकसित किये जायेंगे और सभी बूथों पर एक सेल्फी पॉइंट भी बनाया जाएगा जहां लोग अपना वोट डालने के बाद अपनी सेल्फी ले सकेंगे।

वोटिंग केंद्रों पर लोगो को घर से लाने का काम आशा और एएनएम की टोली करेगी। इसी तरह शहरी इलाकों में आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधियों की बुलावा टोली बनाई जा रही है। इन बुलावा टोली का काम अधिक से अधिक वोटर्स को वोट करने के लिए प्रेरित करना है।

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