मुख्य बिंदु

साई सेंटर लखनऊ में 10 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा को परखने का नया प्रयोग करने जा रहा है।
इसमें देश भर से 25 पुरुष और 25 महिला खिलाड़ियों का चयन किया गया है।
चयनित खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर लखनऊ, औरंगाबाद और पटियाला में ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा।

लखनऊ में साईं सेंटर (Sports Athority of India) 10 से 31 अक्टूबर तक 21 दिनों का कैंप लगाकर वेटलिफ्टर खिलाड़ियों के प्रदर्शन को अपने मानकों के अनुसार परखेगा। खिलाड़ियों के विभिन्न प्रकार के टेस्ट करवाएं जाएंगे, उनका प्रदर्शन देखा जाएगा और फिर उसी के आधार पर ही खिलाड़ियों की मेरिट बनेगी जिसके आधार पर खिलाड़ियों को उनके मनचाहे ट्रेनिंग सेंटरों में ट्रेनिंग करने भेजा जाएगा। फिलहाल लखनऊ के अलावा औरंगाबाद, पटियाला और नार्थ-ईस्ट में एक एक सेंटर है।

खराब प्रदर्शन और टाइम पास करने वालों के लिए खेल में नहीं होगी कोई जगह

भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) पहली बार इस तरह का प्रयोग करने जा रहा है, जिसमें खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आंकलन किया जाएगा और उसी के आधार पर उन्हें आगे मौका दिया जाएगा। यह इसलिए किया जा रहा है क्यूंकि अक्सर ऐसा देखा गया है कि कई खिलाड़ी अपने पुराने प्रदर्शन की गलत जानकारी देते है और जब उनका कैंप में चयन हो जाता है तो उनके प्रदर्शन वैसा नहीं होता जैसा वो जानकारी में बताते है। इससे कैंप शामिल होने वाले खिलाड़ियों के प्रदर्शन में गिरावट आने लगती है। ऐसी ही तमाम दिक्कतों को दूर करने के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) यह नया प्रयोग करने जा रहा है।

साईं सेंटर के कार्यकारी निदेशक, श्री संजय सारस्वत ने बताया की खिलाड़ियों की सूची आ गई है। खिलाड़ियों का आना 7 या 8 अक्टूबर से शुरू होगा। कोविड टेस्ट के बाद ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी। इस योजना में वही खिलाड़ी अब सामने आएंगे जिन में प्रतिभा है और खेल की दुनिया में वाकई कुछ करना चाहते है। खेल में अब टाइम पास और समय ख़राब करने वालों के लिए कोई जगह नहीं हैं।

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