जरूरी बातें

मंगलवार को लखनऊ नगर निगम ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरीके से प्रतिबंध लगाया।
75 माइक्रोन से कम प्लास्टिक के उपयोग को अवैध माना जायेगा।
जहरीले उत्पादों के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को किया जाएगा जागरुक।
अभियान की निगरानी और प्रबंधन के लिए 110 चैंपियन और जोनल अधिकारियों को तैनात किया है।
अन्य वैकल्पिक बायोडिग्रेडेबल और दोबारा इस्तेमाल करने वाले सामान को बढ़ावा दिया जाएगा।

लखनऊ को स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में प्रथम स्थान पर लाने की राह में मंगलवार को लखनऊ नगर निगम ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरीके से प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। लगाए गए बैन के तहत 75 माइक्रोन से कम प्लास्टिक के उपयोग को अवैध माना जायेगा। इसी के तहत इसमें सामान्य प्लास्टिक (पॉलीथीन) बैग, कचरा बैग और अन्य ऐसे प्लास्टिक आइटम शामिल हैं जो नॉन -बायोडिग्रेडेबल और दोबारा उपयोग में नहीं लाये जा सकते हैं।

नगर निगम के 110 सतर्क चैंपियन प्लास्टिक-प्रतिबंध की पहल को आगे बढ़ाएंगे

नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी द्वारा शुरू किए गए एक नए अभियान के अंतर्गत नगर निगम ने शहर में सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। रिपोर्ट के अनुसार, पर्यावरण पर जहरीले उत्पादों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए इस पहल की शुरुआत की गयी है।

नगर निगम ने शहर में सख्ती के साथ इस अभियान की निगरानी और प्रबंधन के लिए 110 चैंपियन और जोनल अधिकारियों को तैनात किया है। इसी के तहत गठित टीम में नगर निगम के सफाई और खाद्य निरीक्षक भी शामिल हैं। जिन्हें शहर के प्रमुख बाजारों जैसे अमीनाबाद, हजरतगंज, नरही बाजार, कैसरबाग, चारबाग, राजाजीपुरम ई-ब्लॉक मार्केट, नाका से श्रीराम रोड वाया गणेशगंज मार्केट,डालीगंज बाजार, कपूरथला स्क्वायर और अन्य क्षेत्रों में नियुक्त किया गया है।

यह टीम शहरवासियों, दुकानदारों और अन्य व्यापारियों को सिंगल यूज प्लास्टिक उत्पादों के उपयोग के नुकसान के बारे में जागरूक करेगी। इसी के साथ ही नगर निगम लोगों के बीच अन्य वैकल्पिक बायोडिग्रेडेबल और दोबारा इस्तेमाल करने वाले सामान, जैसे कागज, कपड़ा और जूट बैग के उपयोग को भी बढ़ावा देंगे।

लखनऊ को स्वच्छ बनाने के लिए उठाया गया है अहम कदम

एक प्लास्टिक बैग को पूरी तरह से नष्ट होने में 1,000 साल तक का समय लगता है। और जो प्लास्टिक मौजूद है वो ज़हरीली होती जा रही है। इससे अन्य परेशानियों बढ़तीं हैं जैसे कि भूमि की उपजाऊ शक्ति का ख़त्म होना, नालियों का बंद होना और जल प्रदूषण आदि। इसी समस्या से बचने के लिए बायोडिग्रेडेबल विकल्पों पर स्विच करने से न केवल पर्यावरण सुरक्षा सुनिश्चित होगी बल्कि शहर की स्वच्छता में भी सुधार होगा। इसी राह में इस अभियान के सफल होने के बाद शहर में स्वछता का स्तर सुधरेगा।

Read this story in English – LMC launches Swachh Survekshan 2022 campaign in Lucknow, bans single-use plastic

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