मुख्य बिंदु

निशातगंज फ्लाईओवर का शुरू हुआ मरम्मत कार्य।
इस मरम्मत कार्य पर 30 लाख रुपये खर्च होंगे।
फ्लाईओवर का आधा हिस्सा 5 जनवरी 2022 तक बंद रहेगा।
फ्लाईओवर के मरम्मत कार्य में करीब डेढ़ महीने का समय लगेगा।

गोमती नदी के ऊपर बने निशातगंज फ्लाईओवर हजरतगंज, अशोक मार्ग और महानगर, निशातगंज को जोड़ने वाला मुख्य फ्लाईओवर है। यह फ्लाईओवर पिछले कुछ सालों से काफी जर्जर हालत में था। फ्लाईओवर पर बनी सड़क कई जगह टूटी हुई थी, जॉइंट में दरारें आ गई थी और कई जगह जॉइंट वाली जगहों पर गहरे गड्ढे हो गए थे, जिससे आये दिन राहगीर हादसे का शिकार होते थे।

इन्ही सारी समस्याओं को और राहगीरों की सुरक्षा देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने अब इस फ्लाईओवर का मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है और इस मरम्मत कार्य पर 30 लाख रुपये खर्च होंगे। मरम्मत कार्य के चलते फ्लाईओवर का आधा हिस्सा 5 जनवरी 2022 तक बंद रहेगा। फिलहाल फ्लाईओवर पर एक वक्त में एक लेन के आधे हिस्से पर काम किया जा रहा है, ताकि ट्रैफिक चलता रहे और इस फ्लाईओवर से आने जाने वाले राहगीरों को परेशानी का सामना न करना पड़े। फ्लाईओवर के मरम्मत कार्य में करीब डेढ़ महीने का समय लगेगा।

लाखों की संख्या में इस फ्लाईओवर से गुजरते है वाहन

निशातगंज फ्लाईओवर

निशातगंज फ्लाईओवर से रोजाना लाखों की संख्या में वाहन गुजरते हैं क्यूंकि यह फ्लाईओवर हजरतगंज, अशोक मार्ग, महानगर, विकास नगर, गोल मार्केट जाने के लिए मुख्य रास्ता है। ऐसे में राहगीरों को ज्यादा दिक्कत ना उठानी पड़े इसलिए लोक निर्माण विभाग ने फ्लाईओवर के एक लेन के आधे पर काम शुरू कर दिया है और बाकी के आधे फ्लाईओवर पर ट्रैफिक चलता रहेगा। मरम्मत कार्य के दौरान वाहनों का आवागमन आसानी से हो सके इसके लिए ट्रैफिक पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है।

फ्लाईओवर के मरम्मत कार्य में लगाई गई हैं तीन टीम

निशातगंज फ्लाईओवर

लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर मनीष वर्मा ने बताया कि पुराने फ्लाईओवर के हिस्से में 6 जॉइंट है, जबकि नए फ्लाईओवर पर 12 जॉइंट है। 220 मीटर लंबे फ्लाईओवर पर कई जगह जॉइंट में गहरे गड्ढे हो गए हैं तो कई जगहों पर दरारें आ गई हैं। ऐसे में इन सभी जॉइंट की मरम्मत का फैसला किया गया है। फ्लाईओवर का जाम जल्द से जल्द खत्म हो इसलिए रात में भी काम करवाया जा रहा है। फ्लाईओवर के जॉइंट्स में आई दरारों को बेहतर तरीके से ठीक करने के बाद ही यह फ्लाईओवर पूरी तरह से खोला जाएगा। इसमें किसी भी तरह की ढिलाही ना हो इसके लिए इस कार्य के लिए चरणबद्ध तरीके से दो से तीन टीमों को लगाया गया है।

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