जरुरी बातें

10 दिसंबर से उत्तर प्रदेश में नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन के लिए नया सिस्टम होगा लागू।
वाहनों की खरीद के समय ही शोरूम से ही प्राप्त हो जायेगा गाड़ी का नंबर।
लोग दूसरे जिले में वाहन खरीदकर भी अपने गृह जिले का नंबर प्राप्त कर सकेंगे।
वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर लेने के लिए आधार सत्यापन होगा अनिवार्य।
मनचाहे नंबर के रजिस्ट्रेशन के लिए देना होगा रजिस्ट्रेशन शुल्क और करवानी होगी एडवांस बुकिंग।

आगामी 10 दिसंबर से उत्तर प्रदेश में नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन के लिए नया सिस्टम लागू होने जा रहा है जिसके चलते लोगों को अब रजिस्ट्रेशन नंबर लेने के लिए आरटीओ (RTO) के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इस नए सिस्टम के तहत वाहनों की खरीद के समय ही शोरूम से गाड़ी का नंबर प्राप्त हो जायेगा। लोग अब दूसरे जिले में वाहन खरीदकर भी अपने जिले का नंबर हासिल कर सकेंगे और इसी के साथ ही एक जिले से दूसरे जिले के लिए अस्थायी रजिस्ट्रेशन की सुविधा समाप्त हो जाएगी।

ट्रांसपोर्ट कमिश्नर धीरज साहू ने बताया की, “वर्तमान समय में पूरे प्रदेश में अभी नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर आरटीओ (RTO) और एआरटीओ से ही प्राप्त किये जा रहे हैं लेकिन हमने उन्नाव ज़िले में इस नए सिस्टम के अंतर्गत डीलर पॉइंट पर मिलने वाले रजिस्ट्रेशन नंबर का सफल ट्रायल किया है।”

आधार सत्यापन होगा अनिवार्य

इस नए सिस्टम के लागू होने के बाद वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर लेने के लिए आधार का सत्यापन अनिवार्य होगा जिस कारण लोगों द्वारा वाहन के मनचाहे रजिस्ट्रेशन प्राप्त करने के लिए लगायी जाने वाली पैरवी पर रोंक लग सकेगी। आरटीओ आईटी (RTO IT) प्रभात पांडेय ने कहा कि, “आधार सत्यापन अनिवार्य होने के बाद वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और आरसी (RC) शोरूम से ही प्राप्त होगी।”

लोगों को अब मनचाहे नंबर लेने के लिए पहले से बुकिंग करानी पड़ेगी। इसी संबंध में एआरटीओ (ARTO) अखिलेश द्विवेदी ने बताया की, “गाड़ी का वीआईपी (VIP) नंबर लेने के लिए पहले की तरह ऑनलाइन बोली लगानी पड़ेगी और कोई मनचाहा नंबर लेने के लिए डीलर के यहां रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। मनचाहे नंबर के रजिस्ट्रेशन के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क देना होगा जो दो पहिया वाहन के लिए 1000 रुपये होगा और चार पहिया वाहन के लिए 5000 रुपये होगा।”

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