पशुओं सो होने वाले दुर्व्यवहार को रोकने के अपने मिशन के साथ आगे बढ़ते हुए, द पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा) इंडिया ने लखनऊ पुलिस और वन विभाग की मदद से शहर में कुल 11 तोतों को बचाया है। कथित तौर पर, इन पक्षियों को नखास पक्षी बाजार में अवैध व्यापारियों से रेस्क्यू गया था। अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल पक्षियों को वन विभाग की कस्टडी में रखा गया है। 

तोतों को जल्द ही उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा

लखनऊ के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी), चिरंजीव नाथ सिन्हा ने कहा, “जानवरों के प्रति क्रूरता की रोकथाम अधिनियम, 1960, किसी भी पक्षी को किसी भी पिंजरे में रखना या सीमित करना अवैध बनाता है, जो उनके मूवमेंट के लिए उचित अवसर प्रदान नहीं करता है। पक्षी, मतलब उड़ान। पक्षियों को उड़ने का मौलिक अधिकार है, और वे प्रकृति में हैं और आकाश में अपने परिवारों के साथ स्वतंत्र रूप से उड़ते हैं।”

आपको बता दें, चिरंजीव सिन्हा, एक प्रसिद्ध पशु कार्यकर्ता, वर्तमान में नवाब वाजिद अली शाह जूलॉजिकल गार्डन लखनऊ चिड़ियाघर के ब्रांड एंबेसडर हैं।

अवैध कारोबारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

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