लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में मरीज़ों और तीमारदारों के लिए आरटीपीसीआर जांच की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि अब टीके की दोनों डोज़ लगवाने वाले मरीज़ और तमीरदार बिना आरटीपीसीआर रिपोर्ट के अस्पताल की ओपीडी में परामर्श  प्राप्त कर पाएंगे। रिपोर्ट के अनुसार इस नई व्यवस्था को सोमवार से लागू किया जाएगा।

भर्ती और ऑपरेशन के लिए आरटीपीसीआर रिपोर्ट दिखाना होगा ज़रूरी

अभी तक संस्थान में मरीज और तीमारदार दोनों को ओपीडी आने के लिए पांच दिन के भीतर की आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट दिखानी पड़ती थी। इस नियम के चलते मरीज़ों को समस्या हो रही थी। इसे देखते हुए लोहिया संस्थान प्रशासन ने टीके की दोनों खुराक लगाने वालों को आरटीपीसीआर जांच की अनिवार्यता से मोहलत दे दी।

ओपीडी के साथ ज्यादातर जांचों में भी यह छूट जारी रहेगी। हालांकि भर्ती और ऑपरेशन में आरटीपीसीआर जांच की अनिवार्यता जारी रहेगी।

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