Lucknow Airport

जरूरी बातें

लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी COVID-19 दिशानिर्देशों का किया जायेगा पालन।
हवाईअड्डे पर 50 यात्रियों के ठहरने की क्षमता वाले प्रतीक्षालय की करी गयी है व्यवस्था।
भविष्य में यात्रियों की संख्या बढ़ती है तो पंजीकरण काउंटरों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
4 पंजीकरण काउंटर, 4 सैंपलिंग बूथ और 95 रैपिड पीसीआर परीक्षण मशीनें भी लखनऊ के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर की गयी हैं स्थापित।
राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में 100 बिस्तरों के अलावा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में 50 नए बेड की की गयी है व्यवस्था।

भारत में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन की बढ़ती चिंताओं के बीच, उत्तर प्रदेश सरकार राज्य भर में कोवीड-19 की स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए ज़रूरी एहतियात बरत रही है। प्रशासन ने लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी COVID-19 दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए निर्देश दिए हैं। ओमिक्रोन वैरिएंट से बचाव के लिए राज्य सरकार प्रदेश के सभी जिलों में परीक्षण, टीकाकरण निगरानी और स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

लखनऊ हवाई अड्डे पर बरती जाएगी सतर्कता

COVID-19 test and passenger facilitation area at Lucknow Airport

प्रशासन ने सतर्कता बढ़ाते हुए चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर 50 यात्रियों के ठहरने की क्षमता वाले प्रतीक्षालय की व्यवस्था करी है। इसके अलावा 4 पंजीकरण काउंटर, 4 सैंपलिंग बूथ और 95 रैपिड पीसीआर परीक्षण मशीनें भी लखनऊ के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्थापित करी गई हैं। अधिकारियों के अनुसार, अगर भविष्य में यात्रियों की संख्या बढ़ती है तो पंजीकरण काउंटरों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है।

यूपी आने वाले यात्रियों की अनिवार्य होगी आरटी-पीसीआर जांच

भारत में अब तक कोरोना के इस नए संस्करण के 23 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं लेकिन उत्तर प्रदेश में स्थिति अभी नियंत्रण में है। जिसके चलते कोरोना वायरस के इस वैरिएंट के संक्रमण को राज्य में प्रवेश करने से रोकने के लिए प्रशासन ने राज्य के सभी जिलों में तैयारियों को तेज कर दीं हैं। सरकार की ओर से सोमवार को जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, राज्य में किसी भी व्यक्ति के प्रवेश करने पर आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना अनिवार्य होगा और यदि कोई व्यक्ति संक्रमित पाया जाता है तो उसके सैंपल को जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजा जायेगा जिससे ओमिक्रॉन वैरिएंट की पहचान करी जाएगी।

आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में 100 बिस्तरों के अलावा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में 50 नए बेड की व्यवस्था करी गयी है। इसके अतिरिक्त, 3000 से अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और लगभग 855 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को सभी उन्नत सुविधाओं से लैस किया जा रहा है, वहीं राज्य भर में लगभग 73,000 निगरानी समितियों को भी नियुक्त किया गया है। प्रशासन द्वारा उचित प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए ऑक्सीजन, बेड और लैब जैसी व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

कोरोना के दिशा-निर्देशों का करना होगा पालन

ओमिक्रॉन वैरिएंट से रोकथाम और उपचार को आगे बढ़ाने के लिए, अधिकारियों को निर्देश जारी किये गए हैं जिसके तहत स्वास्थ्य सलाहकार समिति द्वारा सुझाए गए दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन कराना होगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य भर में टीकाकरण अभियान को तेज़ करने के निर्देश दिए हैं। इस बीच, अधिकारियों ने जनता से सरकार द्वारा अनिवार्य सभी प्रोटोकॉल का पालन करने का भी आग्रह किया है।

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