लखनऊ में जल्द ही राज्य के 16 अन्य शहरों के लिए एक यूनिफाइड इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर मौजूद होगा। यह सेंटर उत्तरी भारत में सबसे बड़े क्लाउड आधारित कमांड सेंटरों में से एक होगा और कई अन्य सुविधाओं के अलावा ट्रैफिक फ्लो को नियंत्रित करना,ट्रैफिक उल्लंघनों को रोकने और शहरों में प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद करेगा।

लखनऊ में आने वाले इस यूनिफाइड कंट्रोल कमांड सेंटर में शान्ति एवं आपातकालीन स्थितियों के लिए घटना-प्रबंधन के अलावा उन्नत इंटीग्रेशन, विज़ुअलाइज़ेशन मौजूद होगा। यह प्रस्तावित यूनिट अकेले ट्रैफिक फ्लो में सुधार करेगी, सड़क पर सड़क सुरक्षा उल्लंघनों की पहचान करेगी और स्मार्ट शहरों में प्रदूषण के बढ़ने को रोकेगी। इसके अलावा, इस प्राथमिक कमांड और नियंत्रण केंद्र के माध्यम से कई सहायक सेवाओं और उपयोगिताओं को भी रिले किया जाएगा।

लखनऊ के कमांड सेंटर का काम दिसंबर में शुरू होगा

लखनऊ का इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर 150 करोड़ की लागत पर लालबाग़ में बनेगा जिसमें बुनियादी ढाँचे के साथ साथ भवन की लागत भी शामिल है। शहरी विकास विभाग के विशेष सचिव इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया की हमारे पास सुल्तानपुर रोड पर शहरी विकास निकायों का निदेशालय है जहाँ हम यूनिफिएड कमांड सेंटर का ढांचा बनाएंगे लेकिन इस बार बाकी 16 शहरों के लिए लागत 25 करोड़ होगी। हम दिसंबर में इस सेंटर को शुरू करने की उम्मीद करते हैं।

प्रोजेक्ट को आईआईटी कानपुर द्वारा मंजूरी मिली है

अधिकारी ने आगे बताया की केंद्र के द्वारा 10 स्मार्ट शहरों की घोषणा की गयी है जबकि राज्य सरकार ने 7 शहरों को नामित किया है।
लखनऊ,कानपुर,आगरा,वाराणसी,प्रयागराज,अलीगढ,झाँसी,बरेली,सहारनपुर और मोरादाबाद केंद्र द्वारा घोषित हैं जबकि गोरखपुर,अयोध्या,शाहजहांपुर,मेरठ,फ़िरोज़ाबाद,मथुरा और ग़ाज़ियाबाद के जिलों को राज्य सरकार द्वारा घोषित स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल है।

विशेष रूप से, राज्य के प्रमुख प्रौद्योगिकी संस्थान, आईआईटी-कानपुर ने शहरी विकास विभाग के अनुरोध पर इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट की समीक्षा और पुष्टि की है। इस समीक्षा के अनुसार, आगामी क्लाउड-आधारित कमांड सेंटर उत्तरी भारत में अपनी तरह की सबसे बड़ी यूनिट्स में से एक होगा और यह सूची में नामित शहरों में विभिन्न स्मार्ट तत्वों के एकीकरण में मदद करेगा।

इसके दायरे में स्मार्ट स्ट्रीट लाइट, पर्यावरण सेंसर, शहर निगरानी प्रणाली, बुद्धिमान यातायात प्रबंधन प्रणाली और सोलर पावर सेल की स्थापना शामिल है। ई-गवर्नेंस, ई-स्वास्थ्य, गृह कर संग्रह, शिकायत पोर्टल और जीआईएस सिस्टम जैसे अन्य प्रावधानों का भी ध्यान रखा जाएगा।

 

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