लखनऊ में वायु प्रदूषण की गंभीर होती समस्या को देखते हुए सरकार अब इस दिशा में बड़ा काम करने जा रही है। शहरों में प्रदुषण को रोकने के उपायों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव आरके तिवारी ने एनसीआर सहित सभी बड़े शहरों में वार रूम बनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने कहा है कि 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों का चलना सख्ती से रोका जाए। पराली जलाने की घटनाएं रोकने के लिए स्पष्ट कह दिया है कि इस मामले में लापरवाही बरतने पर अफसर जिम्मेदार होंगे। साथ ही अधिकारीयों से कहा गया है कि जरूरत हो यो गौ आश्रय स्थलों की संख्या बढ़ा दी जाए, लेकिन सड़क पर आवारा पशु नहीं दिखने चाहिए।

मुख्य सचिव आरके तिवारी ने प्रदेश के सभी मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग की और एनसीआर सहित कानपुर, वाराणसी, आगरा, प्रयागराज और लखनऊ जैसे बड़े शहरों में वायु प्रदुषण रोकने के लिए किये गए उपायों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे सभी जिलों में वॉर रूम बनाए जाएं। रोड डस्ट मैनेजमेंट के तहत सप्ताह में कम से कम दो दिन सड़कों और पेड़ पौधों पर पानी का छिड़काव कराया जाए और ट्रैफिक हॉटस्पॉट चिन्हित कर भीड़भाड़ को रोकें।

सर्दियों के मौसम में बढ़ जाता है प्रदुषण

विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट 2020 के अनुसार, लखनऊ दुनिया के नौवें सबसे प्रदूषित शहर के रूप में शुमार है और सर्दियों की शुरुआत शहर के लिए और अधिक परेशानी का कारण बनती है। सर्दियों के मौसम में कोहरे, वातावरण में नमी और प्रदूषण के कारण हवा में मौजूद कण वातावरण को प्रदूषित करते हैं जिससे धुंध बढ़ती है और ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन से शहर का एक्यूआई बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है।

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