जरुरी बातें

इंदौर की तरह अब लखनऊ को आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 में प्रथम स्थान दिलाने के लिए शुरू हुईं तैयारियां।
गारबेज फ्री सिटी प्रोग्राम के तहत लखनऊ को 7 स्टार दिलाने का रखा गया लक्ष्य।
वार्डों में कूड़ा उठाने के लिए बनाये जायेंगे पिक पॉइंट।
खुले में कूड़ा फैलाने पर लगाया जायेगा ज़ुर्माना।

बीते 5 वर्षों से अब तक स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रथम स्थान पर आने वाले देश के सबसे साफ़ शहर इंदौर की तरह अब लखनऊ में भी आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 के लिए तैयारियां शुरू हो गयीं हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में 12वां स्थान हासिल करने वाले लखनऊ के लिए आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 में प्रथम स्थान दिलाने के साथ ही शहर को गारबेज फ्री सिटी (Garbage Free City) के तहत सेवन स्टार प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।

लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया और लखनऊ नगर निगम के अधिकारीयों ने नगर निगम मुख्यालय में स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 की तैयारियां शुरू कर दी हैं। लखनऊ की मेयर ने कहा कि, “स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 की रैंकिंग में सुधार लाने के लिए आवश्यक है कि लखनऊ के सभी डंपिंग पॉइंट ख़त्म किए जाएं और कहीं भी खुले में कूड़ा न बिखेरा जाये जिसके लिए जरूरी है की वर्तमान में इसके लिए घर-घर से कूड़ा उठाये जाने की प्रक्रिया में तेजी लाना जाना आवश्यक है।”

शहर में सभी डंपिंग पॉइंट किए जाएंगे खत्म और दिया जायेगा इन चीज़ों पर ध्यान

स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अनेक बातों का ध्यान रखा जाएगा जिसमें सबसे पहले शहर में जितने भी डंपिंग पॉइंट हैं उन्हें खत्म किया जायेगा। गलियों का कूड़ा सड़क पर आने से रोंका जाएगा और खुले में कूड़ा फेकने पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने की प्रक्रिया और बेहतरी की जायेगी।

इसके अलावा शहर के सभी इलाकों को सीवर लाइनों से जोड़ा जाएगा और सीवर की सफाई पूरी तरह मैकेनिकल तरीके से की जाएगी। पब्लिक टॉयलेट में भी साफ़- सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। शहर में पानी के प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए ग्राउंड वाटर लेवल को बढ़ाने पर काम किया जाएगा और व्यर्थ पानी को रीसायकल कर उपयोग में लाया जाएगा। इसी के साथ ही पार्कों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण किया जाएगा ताकि बेहतर तरीके से पानी का संरक्षण किया जा सके।

कूड़ा प्रबंधन के लिए शुरू किया जायेगा पायलट प्रोजेक्ट

लखनऊ के कूड़ा प्रबंधन में सुधार लाने के लिए पहले दो वार्डों की गलियों का कूड़ा सीधे प्लांट तक पहुंचाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत शहर के उन इलाकों को चुना जाएगा जहां गलियां बहुत सकरी हैं जिस कारण वहां कूड़ा गाड़ियां नहीं पहुंच पाती हैं। इन गलियों में कूड़ा गाड़ी गली के बाहर खड़ी रहेंगी और सफाई कर्मी गलियों से कूड़ा एकत्रित कर सीधे गाड़ी में डालेंगे और इसी के साथ ही पिक पॉइंट भी बनाये जायेंगे जहां लोग कूड़ा डाल सकेंगे। फिर इसके बाद यह कूड़ा सीधे ट्रीटमेंट प्लांट तक पंहुचा दिया जाएगा।

खुले में कूड़ा फैलाने पर लगाया जाएगा जुर्माना

नगर आयुक्त ने कहा कि शहर में पहले डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा। इसके बाद घरों से निकलने वाले कचरे को एक जगह एकत्रित न करने पर जल्द ही जुर्माने की व्यवस्था भी की जायेगी। इसी के तहत शहर के लोगों को गीला और सूखा कचरा अलग रखने के लिए भी जागरूक किया जाएगा। साथ ही अगर दुकानदार नगर निगम की कार्यदायी संस्था को कूड़ा नहीं देंगे तो उनसे भी जुर्माना वसूला जाएगा।

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